सड़क हादसे में क्षतिग्रस्त हो चुकी मेयर की सरकारी गाड़ी को अब कंडम घोषित किया जा रहा है। मंगलवार को वित्त एवं अनुबंध समिति की बैठक में यह एजेंडा लाया जाएगा।
इंश्योरेंस कंपनी कैश लेस बेसिस पर डेढ़ लाख रुपये निगम को भुगतान कर रही है। इसलिए पहले गाड़ी को कंडम डिक्लेयर किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर भाजपा पार्षद निगम के इस फैसले का विरोध करने की तैयारी में है। भाजपा पार्षद व एफएंडसीसी के सदस्य सौरभ जोशी ने कहा कि गाड़ी का टोटल लॉस हुआ है और निगम को टोटल कैश क्लेम करना चाहिए था।
अब डेढ़ लाख रुपये केलिए कंडम घोषित करने केलिए फिजूल का खर्चा किया जाएगा। जोशी ने कहा कि स्टाफ कार रूल्स के मुताबिक सरकारी गाड़ी की लाइफ डेढ़ लाख किमी और साढ़े छह साल की होती है, लेकिन निगम में पहले ही कई गाड़ियां 8-8 साल से चल रही हैं। ऐसे में इस गाड़ी को भी रिपेयर करवाकर चलाया जा सकता था।
25 फरवरी को हुआ था एक्सीडेंट
मेयर की कार (सीएच01-जी1-0057) का 25 फरवरी को एक्सीडेंट हो गया था। कंपनी ने गाड़ी की रिपेयर पर खर्चे का 6,06,122 रुपये का एस्टीमेट बनाया था। रिपेयर का 60 फीसदी कंपनी को और 40 फीसदी निगम को भुगतान करना था। मतलब करीब 2 लाख रुपये निगम को खर्च करने थे।
कार छह साल पुरानी हो चुकी थी और सवा दो लाख किमी चल चुकी थी। ऐसे में निगम ने रिपेयर के लिए इंकार कर दिया। अब इंश्योरेंस कंपनी निगम को डेढ़ लाख रुपये कैश लॉस क्लेम देने को तैयार है। इसलिए गाड़ी को कंडम घोषित किया जा रहा है। गाड़ी को डिस्पोज ऑफ करने केलिए पब्लिक ऑक्शन भी की जाएगी।