नगर निगम वेंडिंग कमेटी की बैठक
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चंडीगढ़ नगर निगम की टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक हुई। नगर निगम कमिश्नर केके यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई फैसले लिए गए। मीटिंग में निर्णय लिया गया कि सेक्टर-22 में हेल्थ सेंटर के पास 60 साल से काम कर कर रहे किप व कूलर पैड बनाने वालों के प्रतिवेदन पर उन्हें बता दिया जाए कि इतनी जगह लेने के लिए संपदा अधिकारी से संपर्क करें। नियम के अनुसार नगर निगम उन्हें स्थान देने में असमर्थ है।
चंडीगढ़ नगर निगम ने पंजीकृत स्ट्रीट वेंडर्स की जून तक की फीस और जुर्माना माफ कर दिया है। वेंडरो की लाइसेंस फीस जो बकाया है, वह हालात के मद्देनजर 31 अगस्त 2020 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया। नगर निगम कमिश्नर ने बताया कि मई तक निगम के पास 25.74 करोड़ रुपये की आय हुई है। सेक्टर-22 में केवल 8 साइट ही ठीक पाई गई जो वंचित रहे पहले वेंडरों को अलॉट करके दी जाने की अनुमति दी जाए।
चाट व गोलगप्पे वालो को लाइसेंस लेने के लिये 15 दिन का और समय दिया गया। टाउन वेंडिंग कमेटी ने स्ट्रीट वेंडर्स नगर निगम, चंडीगढ़ बायलाज-2018 में संशोधन को मंजूरी दी। बैठक में टाउन वेंडिंग कमेटी के सदस्यों में वीएन शर्मा, संगीता वर्धन, सीता राम, रामफल के अलावा ट्रैफिक पुलिस, एसएसपी और एसडीएम के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए।
पंजीकृत के बजाय अपंजीकृत विक्रेताओं पर कार्रवाई करे पुलिस
टाउन वेंडिंग कमेटी ने एसएसपी, चंडीगढ़ को सूचित किया कि पुलिस विभाग और ट्रैफिक विभाग अपंजीकृत विक्रेताओं के खिलाफ उचित कार्रवाई करें और निगम के साथ पंजीकृत विक्रेताओं को परेशान न करें। एसएचओ, मनीमाजरा को भी रजिस्टर्ड वेंडर को परेशान न करने के निर्देश दिए गए। चार पंजीकृत स्ट्रीट वेंडर ंने अपनी चार वेंडिंग साइटों में बदलाव के लिए एक हलफनामा प्रस्तुत किया। इस पर इंजीनियरिंग विंग ने इसकी गैर-व्यवहार्यता रिपोर्ट को देखते हुए इसे अनुमोदित नहीं किया गया।