चंडीगढ़ नगर निगम ने प्रशासन को थोड़ी राहत देते हुए 6.27 करोड़ का सर्विस टैक्स का नया नोटिस जारी किया है। इसमें निगम ने 359 बिल्डिंगों को शामिल किया है। यह टैक्स एक अप्रैल 2015 से 31 मई 2019 तक का है। निगम ने प्रशासन को फरवरी में टैक्स भरने का समय दिया है। इससे पहले के सर्विस टैक्स का निगम अलग से प्रशासन को नोटिस जारी करेगा।
इससे पूर्व निगम ने 2004 से 2019 तक प्रशासन की 217 बिल्डिंगों पर 53 करोड़ का नोटिस जारी किया था। नगर निगम ने अपने प्रॉपर्टी टैक्स को बढ़ाने के लिए समीक्षा की थी। उसके बाद प्रशासन के 6 डिवीजन ऑफिस पर 53 करोड़ का नोटिस जारी किया था। इसके लिए 3 जनवरी अंतिम तिथि तय की थी।
सर्विस टैक्स न भरने पर प्रॉपर्टी सील करने की भी तैयारी है, लेकिन नोटिस मिलने के बाद प्रशासन ने निगम के साथ बैठक की। बैठक में बताया कि वर्ष 2015 के बाद कई विभाग अलग हुए हैं। ऐसे में किस विभाग का कितना टैक्स है और कौन चुकाएगा तय करने में समस्या होगी।
फिलहाल, 2015 के बाद का सर्विस टैक्स चेक करके बता दिया जाए। उसके बाद 2004 से 2014 तक का अलग से नोटिस दे दिया जाए। निगम ने संशोधित नोटिस जारी करते हुए इसी माह में टैक्स भरने को कहा है।
पुलिस स्टेशन और अस्पताल को भी नोटिस
नगर निगम ने जिन इमारतों के लिए प्रशासन को नोटिस जारी किया है, उसमें शहर के पुलिस स्टेशन, पुलिस लाइन, सरकारी डिस्पेंसरी, सेक्टर-16 अस्पताल, जिला अदालत, पंजाब-हरियाणा विधानसभा भवन, न्यू सचिवालय, ई-संपर्क सेंटर, रॉक गार्डन, सेक्टर-25 की शूटिंग रेंज, पुलिस अस्पताल, बुड़ैल जेल, सेक्टर-17 बस स्टैंड, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट सहित कई महत्वपूर्ण इमारतें हैं।
सरकारी इमारतों से लिया जाता है सर्विस टैक्स
नगर निगम सरकारी इमारतों से सर्विस टैक्स वसूल करता है, जबकि कॉमर्शियल बिल्डिंगों से प्रॉपर्टी और रेजिडेंशियल बिल्डिंगों से हाउस टैक्स वसूल करता है। फिलहाल, निगम को न्यू सचिवालय बिल्डिंग से दो करोड़ 12 लाख रुपये, सेक्टर-17 स्थित पुरानी जिला अदालत से एक करोड़ 22 लाख रुपये लेना है। नगर निगम इस साल अब तक प्रॉपर्टी और हाउस टैक्स से 47 करोड़ रुपये का टैक्स वसूल चुका है।
इन डिवीजन पर इतना बकाया
डिवीजन--------------बकाया----------इमारतों की संख्या
डिवीजन नंबर एक----1,62,74,901----------36
डिवीजन नंबर दो-------4,22,494------------02
डिवीजन नंबर तीन----2,45,50,150----------130
डिवीजन नंबर चार-----96,82,085-----------120
डिवीजन नंबर पांच-----42,92,271------------33
डिवीजन नंबर छह-----74,97,632------------38
कुल----------------6,27,19,533----------359
प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी। उनका कहना था कि 2015 के बाद कई विभाग अलग हुए हैं, इसलिए 2015 से 2019 तक नोटिस दे दिए जाएं। शेष बाद में दिया जाए। फिलहाल, चार साल का नोटिस जारी कर दिया है।
- अनिल गर्ग, एडिशनल कमिश्नर, नगर निगम