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चंडीगढ़ नगर निगम कह रहा खाली हैं हाथ, फिर भी रोज फेस्टिवल पर होगी लाखों रुपयों की बरसात

Mon, 29 Oct 2018 02:12 PM IST
राजेश ढल्ल, अमर उजाला, चंडीगढ़
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रोज गार्डन
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नगर निगम एक ओर जहां खजाना खाली होने का रोना रो रहा है, वहीं अगले साल फरवरी में रोज फेस्टिवल पर इस साल के मुकाबले 20 लाख ज्यादा का खर्च करने की तैयारी है। नगर निगम ने तीन दिवसीय रोज फेस्टिवल पर 75.59 लाख रुपये खर्च करने का प्रस्ताव तैयार किया है जो कि 31 अक्तूबर को होने वाली सदन की बैठक में पास होने के लिए आ रहा है। बता दें कि इस साल फरवरी माह में हुए रोज फेस्टिवल पर 55.67 लाख रुपये खर्च किए गए थे। वहीं, स्पांसरशिप पर इवेंट करवाने का कोई प्रस्ताव नहीं है जबकि साल 2017 में 48.65 लाख रुपये खर्च किए गए थे। इस बार नगर निगम ने जो प्रस्ताव तैयार किया है, उसमें अकेले तीन लाख रुपये मुख्य अतिथि, अतिथियों, कमेटी सदस्य और अधिकारियों के चाय-पानी के लिए रखे गए हैं।
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टेंट पर ही बढ़ गया 16.50 लाख का खर्चा
नगर निगम ने अलग-अलग कैटेगरी वाइज, जो प्रस्तावित खर्चा तय किया है उसमें टेंट (शामियाना) का खर्च पिछली बार से 16.50 लाख रुपये बढ़ा दिया गया है। बागवानी विभाग ने इस बार 25 लाख रुपये का टेंट लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है जबकि बीते फरवरी माह में होने महज 8.5 लाख रुपये में वाटर प्रूफ टेंट रोज फेस्टिवल में लगाया गया था।

अपनी नर्सरियां लेकिन फिर भी खरीदे जाएंगे फूल
5.60 लाख रुपये का खर्चा प्रवेश और बाहरी मार्ग को फूलों से सजाने, अतिथियों के गुलदस्ते और बागवानी के अन्य सजावटी समान पर किया जाएगा जबकि नगर निगम की अपनी सरकारी नर्सरियां भी हैं, जहां पर फूल और पौधे उगाए जाते हैं। इन नर्सरियों पर हर साल लाखों रुपये का खर्चा भी किया जाता है। पर्यावरण प्रेमी राहुल महाजन का कहना है कि कितनी हैरानी की बात है कि नगर निगग की अपनी सरकारी नर्सरियां होते हुए रोज फेस्टिवल में सजावट और गुलदस्तों पर लाखों रुपये हर साल खर्च किए जाते हैं। उनका कहना है कि फेस्टिवल का आयोजन नगर निगम को खुद करने की बजाय टेंडर अलॉट करके कंपनियों को देना चाहिए। इससे आधे रेट पर ही आयोजन हो जाएगा।
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यह प्रतियोगिताएं होंगी फेस्टिवल में
. फ्लावर प्रतियोगिता
. रोज प्रिंस एंड प्रिंसेज प्रतियोगिता
. ब्रास और पाइप बैंड प्रतियोगिता
. ऑन द स्पॉट पेटिंग प्रतियोगिता
. फोक डांस
. फोटोग्राफी प्रतियोगिता
. अंताक्षरी प्रतियोगिता
. काइट प्लेयिंग प्रतियोगिता
. मिस्टर एंड मिस रोज प्रतियोगिता
. फ्लावर हैट प्रतियोगिता
. सीनियर सिटीजन के लिए रोज किंग और रोज क्वीन प्रतियोगिता
. पार्कों का रखरखाव करने वाले आरडब्लयूए के बीच प्रतियोगिता
. नवविवाहित जोड़ों के बीच प्रतियोगिता

रोज फेस्टिवल में किस काम पर कितना खर्च करने की योजना
. 7.50 लाख रुपये की लागत से साउंड सिस्टम और लाइट की व्यवस्था की जाएगी
. 4.15 लाख रुपये की लागत से निमंत्रण कार्ड, पार्किंग पास और बैच का इंतजाम किया जाएगा। इसके लिए बीते फेस्टिवल में 2.50 लाख खर्च किए गए थे
. 2.47 लाख रुपये सुरक्षा उद्देश्य के लिए मचान स्थापना पर
. 3.90 लाख की लागत से प्रतियोगी, मुख्य अतिथियों के गिफ्ट और भाग लेने वाले बच्चों के लिए खिलौनों पर खर्च किए जाएंगे
. 1.60 लाख की राशि फोक डांस करने वालों को अदा किए जाएंगे
. 1.60 रुपये स्पॉट पेंटिंग करवाने पर खर्च किए जाएंगे
. 1.80 रुपये सीसीटीवी कैमरे पर खर्च किए जाएंगे
. 55 हजार रुपये आरडब्लयूए के बीच होने वाले बेस्ट पार्क प्रतियोगिता में इनाम के तौर पर वितरित किए जाएंगे
. 1.70 रुपये में अंताक्षरी प्रतियोगिता पर खर्च किए जाएंगे
. 2.50 लाख रुपये का खर्चा प्रचार-प्रसार पर किया जाएगा

नगर निगम में भाजपा दोनों हाथों से पैसे लूटा रही है जबकि ठेकेदारों को भुगतान करने के लिए पैसे नहीं हैं। कांग्रेस के पार्षद फेस्टिवल पर खर्च होने वाले 75 लाख के प्रस्ताव का विरोध करेंगे। एक साल में ही टेंट और प्रिंटिंग का खर्चा इतना कैसे बढ़ गया, यह सदन में पूछा जाएगा।
-देवेंद्र सिंह बबला, कांग्रेस पार्षद दल के नेता

इतने माह पहले अभी इसलिए एजेंडा लेकर आया गया है ताकि स्पांसरशिप के लिए भी प्रयास किया जा सके। यह प्रस्तावित खर्चा है। सदन के पास अधिकार है कि इसे कम और ज्यादा कर सकता है। इस बार पार्षदों के सहयोग से फेस्टिवल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। ऐसे में पहले के मुकाबले में गतिविधियों को भी बढ़ाया जाएगा।
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-देवेश मोदगिल, मेयर  

 
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