अफसरों और कार डीलरों की मिलीभगत से नगर निगम को हर साल लाखों का नुकसान हो रहा है। सेक्टर-7 कार बाजार में 60 डीलर अपना बाजार लगा सकते हैं, लेकिन यहां सिर्फ 43 डीलरों को ही परमिशन मिल रही है।
शेष डीलरों को नगर निगम परमिशन ही नहीं दे रहा है। ऐसे में न सिर्फ निगम को लाखों का नुकसान हो रहा है बल्कि दूसरे कार डीलरों को भी काफी परेशानियां हो रही हैं।
ऐसे ही कई डीलरों ने निगम के ज्वाइंट कमिश्नर राजीव गुप्ता को लिखित शिकायत दी और उन्हें भी यहां गाड़ियां खड़ी करने की परमिशन दिए जाने की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुराने कार डीलरों और अफसरों की मिलीभगत से ये सब चल रहा है। पुराने कार डीलर एक शोरूम की पर्ची कटवाकर चार-चार शोरूमों की जगह घेर लेते हैं। शिकायतकर्ता गोपाल ने बताया कि हमारी मांग है कि सभी को बराबर जगह मिलनी चाहिए।
करीब 25 लाख का नुकसान
17 शोरूमों के सामने जगह खाली होने से निगम को हर साल करीब 25 लाख का नुकसान हो रहा है। नगर निगम कार बाजार में एक डीलर से 2809 रुपये फीस वसूलता है।
यहां 43 डीलर अपनी गाड़ियां खड़ी करते हैं जबकि 17 और को परमिशन दी जा सकती है। इस हिसाब से हर रविवार निगम को 47 हजार और साल भर में 24.35 लाख का राजस्व प्राप्त हो सकता है।
अगर एक शोरूम के सामने एक डीलर अपनी कारें लगाता है तो उन्हें अपनी गाड़ियां डिसप्ले करने की जगह नहीं मिलेगी। नगर निगम जबरदस्ती ये प्रस्ताव हम पर थोपना चाहता है।
राजेश गुप्ता, उपाध्यक्ष, कार डीलर एसोसिएशन