एक माह पहले इंडियन नेशनल लोकदल छोड़ भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए पूर्व विधायक नफे सिंह राठी अब भाजपा में भी विद्रोह करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रामबिलास शर्मा पर टिकट वितरण में गड़बड़ी कराने के गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि विधानसभा चुनाव में पार्टी हारी तो इसका कारण शर्मा होंगे।
राठी ने रविवार को यहां अपने कार्यकर्ताओं की बैठक में कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार आने की संभावनाओं को प्रदेश अध्यक्ष रामबिलास शर्मा ने टिकट वितरण में भाई-भतीजावाद व रिश्तेदारों को टिकट दिलाकर धूमिल कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब पार्टी में उन्हें शामिल किया तो टिकट का आश्वासन दिया था।
गत 22 अगस्त को प्रदेश भाजपा के सह प्रभारी डॉ. अनिल जैन के सामने यह बात हुई थी कि सर्वे करवा लेना अगर सर्वे में नफे सिंह ऊपर हो तो चुनाव लड़ने का मौका मुझे दिया जाए। इसके बाद तीन सर्वे भाजपा की तरफ से करवाए गए। जिसमें वह सबसे ऊपर रहे, इसके बावजूद रामबिलास शर्मा ने उन तीनों सर्वे की रिपोर्ट को दरकिनार करके अपने रिश्तेदार नरेश कौशिक को टिकट दिलवा दी।
राजमहल वाटिका में भीड़ को संबोधित करते हुए नफेसिंह राठी ने लोगों के सामने भाजपा हाईकमान से उम्मीद रखते हुए दो दिन का समय देकर बहादुरगढ़ की जनता के साथ न्याय करने व सर्वे के अनुसार उम्मीदवार बदलने की आशा की है।
17 सितंबर तक भाजपा ने लोगों की भावनाओं का सम्मान नहीं किया तो जनता के आदेश का पालन किया जाएगा। 17 तक उम्मीदवार के फैसले पर पुनर्विचार नहीं होता है तो आजाद उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने का एलान किया जाएगा।