चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी ने नेशनल असेसमेंट एंड एक्रिडेशन काउंसिल (नैक) ग्रेडिंग में ए++ हासिल किया गया है। नैक दौरे के दौरान टीम की ओर से चिन्हित की गई कमजोरियों और पीयू के बेहतरीन कामों व भविष्य में सुधारात्मक प्रयासों को लेकर वाइस चांसलर प्रो. रेणु विग ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रेस वार्ता की। इस दौरान वीसी ने बताया कि नैक का सुझाव था कि पीयू का अधिकांश भवन पुराना है, इसकी प्राथमिकता से मरम्मत करवाई जाए। इसके साथ ही सरकार के साथ मिलकर जल्द से जल्द शिक्षकों के खाली पदों को भरा जाए।
वीसी ने कहा कि पीयू स्टाफ नैक की तैयारियों को लेकर लगभग डेढ़ साल से प्रयास कर रहा था। पीयू के विभागों और विद्यार्थियों बेहतरीन काम किया गया है। लेकिन पीयू के पास डाटा संरक्षित नहीं है, यह नैक की तैयारियों में सबसे बड़ी चुनौती भी रही। विभाग के पास हर काम का रिकॉर्ड नहीं होने के कारण हम उसे बेहतरीन ढंग से प्रदर्शित नहीं कर पाते हैं। पीयू को वर्ष 2023 के चौथे चक्र में नैक ग्रेडिंग में चार में से 3.68 अंक मिले हैं। जबकि पिछली बार तीसरे चक्र में सात साल पहले पीयू को नैक में ए ग्रेड मिली थी। उस दौरान पीयू को चार में से 3.35 अंक मिले थे। वहीं वर्ष 2009 में दूसरे चक्र में ग्रेड और 3.47 अंक मिले थे। पहले चक्र में वर्ष 2001 में फाइव स्टार और सीजीपीए 75.75 अंक मिले थे।
नैक के मापदंड और स्कोर : 4 में से स्कोर
करिकुलर आस्पेक्टस - 3.87
टीचिंग-लर्निंग एंड इवैलुएशन : 3.40
रिसर्च, इनोवेशन एंड एक्सटेंशन - 3.73
इंफ्रास्ट्रक्चर एंड लर्निंग रिसोर्सेज - 3.60
स्टूडेंट स्पोर्ट एंड प्रोगेशन - 3.74
गर्वनेंस, लीडरशिप एंड मैनेजमेंट - 3.57
इंस्टीट्यूशनल वैल्यूज एंड बेस्ट प्रैक्टिसेज - 4.00
पीयू चार भवनों पर लगाएगा सोलर पैनल
पीयू को नैक टीम की ओर से ग्रीन एनर्जी पर काम करने का सुझाव दिया गया है। पीयू ने सोलर पैनल लगाने को लेकर पहले ही काम शुरू कर दिया है। पीयू की ओर से सोलर पैनल के लिए चार भवन चिन्हित किए गए हैं, जहां पर सोलर पैनल लगाने के काम की प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है। इसमें प्रशासनिक भवन, वाइस चांसलर दफ्तर, गेस्ट हाउस आदि शामिल है।
बेहतरीन स्कोर का अकादमिक में ये होगा फायदा
पीयू को नैक के बेहतरीन स्कोर का दाखिले में आवेदकों की संख्या को बढ़ाने में फायदा मिलेगा। इसके साथ ही अब यूजीसी की अनुमति के बिना अपने मौजूदा शैक्षणिक ढांचे के तहत नए कोर्स, प्रोग्राम, विभाग, स्कूल, सेंटर शुरू कर सकती है। पीयू ओपन और डिस्टेंस लर्निंग में भी यूजीसी की अनुमति के बिना नए कोर्स शुरू कर सकती है। यूजीसी की अनुमति के बिना नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क के तहत नए स्किल कोर्स शुरू कर सकती है। पीयू अपने स्तर पर या निजी सहयोग के साथ रिसर्च पार्क, इंक्यूबेशन सेंटर, यूनिवर्सिटी सोसाइटी लिंकेज सेंटर इत्यादि शुरू कर सकती है। कुल स्वीकृत फैकल्टी की 20 प्रतिशत अंतरराष्ट्रीय फैकल्टी को अनुबंध या टेन्योर स्तर पर भर्ती कर सकती है। पीयू को शोध ग्रांट मिलने में आसानी होगी।
नैक ने ये खामियां भी बताईं
पीयू को मैनेजमेंट, लॉ के कोर्स करिकुलम को आईआईएम, आईएसबी और नेशनल लॉ स्कूल के समान बेहतरीन बनाना चाहिए। पीयू में ट्रैफिक को कम करने पर काम किया जाना चाहिए। सरकार के साथ मिलकर शिक्षकों की भर्ती पर काम किया जाए। संसाधन विकसित करने के लिए उद्यमिता और परामर्श को बढ़ावा देना चाहिए। पीयू को अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग के साथ ग्लोबल यूनिवर्सिटी बनाने के लिए कोशिश करनी चाहिए। इंडस्ट्री संबंधों के जरिए राजस्व के लिए पीयू को प्रयास करने चाहिए। डेंटल अस्पताल में पीयू को बेहतरीन योग्य फैकल्टी को भर्ती करना चाहिए। विभिन्न तरह के ऑडिट को बेहतरीन ढंग से करवाया जाना चाहिए।