माई सिटी रिपोर्टर चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में तीसरे दिन नैक की टीम ने कई विभागों का दौरा किया। अंतिम दिन सुबह के समय सात सदस्यीय टीम रिपोर्ट बनाने के कार्य में व्यस्त रही। दिन में टीम ने इवनिंग डिपार्टमेंट, संगीत, बायोटैक्नोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, थिएटर, यूएसओल इत्यादि का दौरा किया। इस दौरान नैक टीम की ओर से पाठ्यक्रम को अपडेट नहीं करने, प्लेसमेंट और कौशल आधारित कोर्स को लेकर तीखे सवाल किए और विभागों से जवाब भी मांगा। इस दौरान विज्ञान के कई विभागों के साथ रीजनल सेंटर के महत्व को लेकर सवाल उठाए गए, लेकिन अंतिम दिन शाम को पीयू वीसी के साथ बैठक काफी सकारात्मक रही। नैक टीम की ओर से रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। लगभग 15 से 20 दिनों में पीयू की नैक एक्रीडिएशन को लेकर फैसला आ जाएगा।
नैक टीम ने थिएटर विभाग में छात्रों से रंगमंच और उसकी पढ़ाई को लेकर चर्चा की गई। छात्रों ने उनकी ओर से तैयार थिएटर प्रोडक्शन जस्मा का मंचन भी करके दिखाया। वहीं, संगीत विभाग में भी छात्रों ने भजन गायन किया, जिसकी टीम ने सराहना की।
कई विभागों में प्लेसमेंट और प्रति छात्र कंप्यूटर सुविधाओं को लेकर विभाग के अधिकारी स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। पीयू के पारंपरिक विभागों में प्लेसमेंट बड़ी चुनौती है। नैक सदस्यों ने कोर्स में बदलावों को लेकर भी सुझाव दिए। ओपन लर्निंग विभाग में जांच की गई कि डिस्टेंस में दूर-दराज के छात्रों को कैसे पढ़ाया जाता है। उनकी परीक्षाएं कैसे आयोजित होती हैं। कोर्स का फीस स्ट्रक्चर और स्टडी मैटिरियल भी देखा गया। साथ ही लड़के और लड़कियों के हॉस्टलों का भी दौरा किया। एडमिन ब्लॉक में एफडीओ और एग्जामिनेशन कंट्रोलर के दफ्तर का कामकाज करने की प्रणाली को देखा।
इंटरनेशनल छात्र अनुपात बढ़ाने को लेकर सुझाव
इंटरनेशनल हॉस्टल के दौरे और अधिकारियों के साथ बैठक में नैक टीम की ओर से इंटरनेशनल छात्र अनुपात बढ़ाने को लेकर सुझाव दिया गया। साथ ही वेस्टर्न देशों के छात्रों को भी पीयू में दाखिले के लिए आकर्षित करने के प्रयासों पर काम करने के लिए कहा, क्योंकि पीयू में हाल में इंटरनेशनल छात्रों में अफगानिस्तान, इरान और इराक इत्यादि देशों के छात्र ही पढ़ाई कर रहे हैं। इनकी संख्या से नैक टीम के सदस्य खास प्रभावित नहीं हुए और इसमें सुधार के लिए निर्देश दिए।