मुरथल गैंगरेप के सबूत, गवाह, पीड़ित या आरोपी के मिलने से इनकार करने के पुलिस और एसआईटी के दावों की सच्चाई का पता लगाने के लिए अब हाईकोर्ट सोनीपत में वारदात के दिन वहां मौजूद सभी पुलिस अधिकारियों के कॉल डिटेल खंगालेगा।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को हरियाणा सरकार को आदेश दिया कि वह सोनीपत के सभी पुलिस अधिकारियों के मोबाइल की काल डिटेल मामले की अगली सुनवाई पर पेश करे। इसी के साथ कोर्ट ने केस से जुड़ा पुरा रिकार्ड, केस डायरी व गवाहों की स्टेटमेंट भी अगली सुनवाई पर पेश करने के आदेश दिए हैं। बहस के दौरान कोर्ट मित्र अनुपम गुप्ता ने सरकार पर इस मामले में सही जांच नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस इस मामले की सही जांच नही कर रही है। मुरथल गैंगरेप मामले की जांच पर सीनियर एडवोकेट अनुपम गुप्ता ने पूरी तरह से असंतोष जताते हुए कहा कि वे रिकार्ड पर कोर्ट में कह रहे हैं कि ममता सिंह की अगुवाई वाली टीम मामले की जांच सही दिशा में नहीं कर रही है।
एक साल का समय बीत गया है लेकिन जांच में कुछ भी सामने नहीं आया। बेहतर होता कि सीबीआई को मामले की जांच दी जाती। काफी समय बीत चुका है लेकिन जांच के नाम पर कोई प्रोग्रेस नहीं है। उल्टा मामले के जरूरी एविडेंस समय के साथ कमजोर हो रहे हैं। एमिक्स क्यूरी अनुपम गुप्ता ने कहा कि रोहतक में दर्ज 1212 मामलों में 921 में अनट्रेस रिपोर्ट दी गई है। 184 मामलों में आरोपियों का कोई क्लू नहीं है। इस तरह 1105 मामलों को डस्टबिन का रास्ता दिखा दिया गया है।