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हरियाणा: सरसों की खरीद शुरू, पहले दिन खरीदा गया 10 हजार मीट्रिक टन...पर नाखुश हैं किसान

Thu, 16 Apr 2020 12:11 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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- फोटो : फाइल फोटो
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लॉकडाउन के दौरान हरियाणा में बुधवार से सरकार ने सरसों फसल की खरीद शुरू कर दी है। पहले दिन प्रदेश के करीब 4500 किसानों से 10,000 मीट्रिक टन सरसों की खरीद की गई। सरकार का दावा है कि सरकार किसानों का एक-एक दाना खरीदेगी। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल ने बताया कि मंगलवार को 25-25 किसानों को बुलाया गया था। मगर बुधवार से अब खरीद केंद्रों व मंडियों में 50-50 किसानों को बुलाया जाएगा।

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163 केंद्रों पर शुरू हुई सरसों की खरीद
सरकार ने 163 खरीद केंद्रों में सरसों की खरीद शुरू कर दी है। कोविड-19 को ध्यान में रखते राज्य सरकार द्वारा मंडियों की संख्या बढ़ाते हुए किसानों, आढ़तियों व श्रमिकों की सुविधा व कोरोना वायरस से बचाव को मास्क, सैनिटाइजर व सफाई के साथ-2 सभी मूलभूत सुविधाओं का प्रबंध किया गया है।

संजीव कौशल ने कहा कि फसल खरीद के दौरान सामाजिक दूरी का बहुत ज्यादा ध्यान रखा जा रहा है। इसके लिए विभाग की टीमें भी फील्ड में पूरी तरह सक्रिय हैं और किसानों को जागरूक कर रही हैं। उन्होंने किसानों को आश्वासन देते हुए कहा कि संकट के इस दौर में अपनी फसलों को लेकर बिल्कुल भी चिंता ना करें। सरकार ने उनसे जो अनुरोध किया है, उसका पालन करते हुए फसल खरीद में सहयोग दें। उनकी पूरी फसल खरीदी जाएगी और जल्द से जल्द भुगतान भी किसानों को किया जाएगा।

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सरसों खरीद पर कम कमीशन से आढ़ती नाखुश

हरियाणा सरकार द्वारा की खरीद के दौरान दी जाने वाली कमीशन से उनका आढ़ती नाखुश हैं। उनका कहना है कि यह कमीशन बहुत कम है। हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष व हरियाणा कांफेड के पूर्व चेयरमैन बजरंग गर्ग ने कहा कि सरकार द्वारा सरसों की खरीद के पुख्ता प्रबंध न करने से किसान सरसों बेचने के लिए धक्के खा रहा है।

आरोप लगाते हुए कहा कि फसल खरीद के नाम पर आढ़ती व किसानों का शोषण हो रहा है। जबकि हैफड सरकारी खरीद एजेंसी जो नेफड की सरसों खरीद कर रही है। उसमें आढ़तियों को हैंडलिंग एजेंट बनाकर सिर्फ 40 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से कमीशन देंगे। जो प्रदेश की आढ़तियों के साथ धोखा है।

 प्रांतीय अध्यक्ष ने कहा कि जबकि उच्च सरकारी अधिकारियों ने सरसों की खरीद व भुगतान हर सरकारी एजेंसियों की तरफ से आढ़तियों को 2.5 प्रतिशत कमीशन की बजाय 1.25 प्रतिशत कमीशन देने का फैसला लिया हुआ था। मगर सरकार ने नेफड की सरसों की खरीद पर सिर्फ 40 रुपये प्रति क्विंटल देकर हैंडलिंग एजेंट बनाने की बात कर रही है, जो उचित नहीं है।

सरकार सरसों व गेहूं की खरीद व भुगतान मंडी के आढ़तियों के माध्यम से करके आढ़तियों को पूरा कमीशन दिया जाए। उनके अनुसार सरकार किसानों का एक-एक दाना खरीदने की बात कर रही है। जबकि सरकार ने सरसों की खरीद 15 अप्रैल से 20 अप्रैल तक एक दिन में सिर्फ दो समय में सिर्फ 100 किसानों की सरसों खरीदने के आदेश जारी किए हैं। ऐसे पांच दिन में सरकार किसान की पूरी सरसों कैसे खरीदेगी यह किसान के लिए बहुत बड़ा चिंता का विषय है।
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