प्राइवेट मिलर्स भी सस्ते दामों पर खरीद कर रहे हैं। 2018-19 में प्रदेश में 2.35 लाख एमटी, 2019-20 में 5.11 लाख एमटी और 2020-21 में 4.53 लाख एमटी सरसों खरीदा गया था। 2021-22 में सरसों को एमएसपी से ऊपर भाव मिले थे। इसी फेर में इस बार किसानों ने सरसों की बंपर खेती की थी।
सरसों उत्पादन में तीसरे स्थान पर हरियाणा
देश में कुल सरसों उत्पादन में राजस्थान नंबर एक पर है। देश के कुल सरसों उत्पादन में 40.82 फीसदी हिस्सा अकेले राजस्थान का है। इसके बाद दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश है। यहां 13.33 प्रतिशत सरसों पैदा होता है। इसके बाद हरियाणा का नंबर आता है। अन्य राज्यों की बात करें तो मध्य प्रदेश में 11.40 फीसदी, पश्चिम बंगाल में 8.64 फीसदी सरसों की पैदावार होती है। सरसों के कारोबारी हरियाणा राज्य अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के राज्य प्रधान अशोक गुप्ता व चेयरमैन रजनीश चौधरी ने बताया कि पिछले साल सरसों के कॉमर्शियल खरीद पर आढ़त 2.50 प्रतिशत थी। इसे अब आधा यानी 1.25 प्रतिशत कर दिया है।
उत्तर प्रदेश में भी बारिश का असर
इस बार उत्तर प्रदेश में 13.28 लाख हेक्टेयर में सरसों की बुवाई हुई थी और सरसों का उत्पादन 16.26 लाख मीट्रिक टन का है। जबकि पिछले साल 14.17 लाख हेक्टेयर में सरसों की खेती की गई थी और उत्पादन 15 लाख टन था। सरकारी आंकड़े सरसों की फसल को ज्यादा नुकसान नहीं बता रहे हैं। किसानों का कहना है कि 20 से 30 प्रतिशत सरसों की फसल बारिश के कारण खराब हुई है।
फिलहाल सरसों आवक से घटे तेल के दाम
इस समय प्रदेश की मंडियों में सरसों आवक होने के चलते सरसों के तेल के दामों में गिरावट देखने को मिल रही है। हैफैड का सरसों का तेल पहले एक लीटर 180 रुपये से अधिक का था। अब यह घटकर 145 रुपये तक आ गया है। इसी प्रकार, तीन माह पहले 15 लीटर टीन का रेट 2500 रुपये था, अब यह 2020 में मिल रहा है। 15 किलोग्राम टीन सरसों के तेल का रेट 2203 रुपये है। इस बारे में हैफेड के चेयरमैन कैलाश भगत का कहना है कि नई फसल आने से सरसों के तेल के दाम में गिरावट आई है। मापदंडों पर खरे उतरने वाले सरसों को खरीदा जा रहा है। पूरी मार्केट के आधार पर ही तेल के दाम तय किए जाते हैं।
अभी नई फसल आने से सरसों के तेल के बाजार में स्थिरता है। बारिश के चलते खराब हुई फसल का असर मई और जून में दिखेगा। उस समय जरूर तेल के दाम बढ़ सकते हैं लेकिन यह सब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार पर निर्भर करता है। - संजीव कुमार, कारोबारी।