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मुस्लिम-सिख फ्रंट का ऐलान, ठेके नहीं खुलने देंगे

Thu, 26 Mar 2015 09:17 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मालेरकोटला (संगरूर)
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मुस्लिम-सिख फ्रंट आफ पंजाब ने चुनौती दी है कि एक अप्रैल के बाद किसी भी त्यौहार पर मालेरकोटला में शराब के ठेके को खुलने नहीं देंगे।
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सरकार को भेजे पत्र में संगठन की दलील है कि माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश हैं कि किसी भी धार्मिक, शिक्षण अथवा सार्वजनिक स्थल से एक सौ मीटर के निकट शराब का ठेका नहीं खुल सकता किंतु उनके संगठन ने मालेरकोटला के भीतरी क्षेत्र में अर्से से चल रहे लगभग सभी शराब के ठेकों से धार्मिक अथवा शिक्षण स्थलों की दूरी का नाप लिया है जोकि नियमावली का खुलेआम उल्लंघन है।

संस्था के शहजाद हुसैन ने बताया कि बस स्टैंड के निकट खुला शराब का ठेका काली माता मंदिर से महज 79 मीटर की दूरी पर है, सट्टा बाजार चौक में खुला ठेका रविदास मंदिर से 68 मीटर, नवाब शेर मोहम्मद खान इंस्टीच्यूट फार एडवांस स्ट्डीज से 30 मीटर, डेरा आपो आप से 85 मीटर और महतियां मस्जिद से 87 मीटर की दूरी पर है।
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इसी प्रकार मदेवी रोड पर चला आ रहा ठेका मस्जिद हजरत उमर से 60 मीटर की दूरी पर है और मुलतानी चौक में चल रहा ठेका डीएवी स्कूल से 28 मीटर और कुटिया गरीब दास से 65 मीटर पर है। ग्रेवाल चौक का ठेका हजरत हलीमा अस्पताल से 90 मीटर और फतेह मस्जिद से 91 मीटर पर स्थित है जबकि लाल बाजार का ठेका कब्रस्थान अहल-ए-इस्लाम से महज 35 मीटर और धर्मशाला कुंदन लाल से 45 मीटर पर है।
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इसी प्रकार लुधियाना बाईपास पर चल रहा ठेका लोहारा ईदगाह से 85 ंमीटर पर है स्थित है जोकि उच्च न्यायलय के आदेशों का उल्लंघन है। हुसैन ने बताया कि उन्होंने मालेरकोटला की विधायक फरजाना आलम सहित सूबे के मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव राजस्व विभाग व जिला संगरूर के डीसी को पत्र भेजकर इस संबंधी अवगत करवा दिया है इसलिए अब संगठन के पदाधिकारी चुप नहीं बैठेंगे और एक अप्रैल के बाद सबसे प्रथम बैसाखी पर किसी भी ठेके को खुलने नहीं दिया जाएगा और जून में आने वाले माह ए रमजान के पूरे महीने भी शहर में शराब का ठेका खुलने नहीं दिया जाएगा।

उन्होंने मांग उठाई कि इसे अंतिम चेतावनी के रूप में लेते हुए पंजाब सरकार मालेरकोटला को शराब मुक्त ऐरिया घोषित करे।

इस मौके पर मोहम्मद वसीम व मोहम्मद अकबर, जगरूप सिंह, गुरप्रीत सिंह, साजिद, एडवोकेट लियाकत अली, एडवोकेट गजनफर अली, एडवोकेट अनवार बत्ता आदि मौजूद थे।
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