अब चंडीगढ़ और पंजाब में लोक गायकी व नाटकों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। नाटकों और लोक गायकी का यह पिटारा है पंजाब संगीत नाटक अकादमी का।
इसकी शुरुआत सितंबर से हो चुकी है और यह दिसंबर तक चलेगा। सौ दिन के भीतर पंजाब संगीत नाटक अकादमी द्वारा लोक गायकी और नाटकों के साथ नुक्कड़ नाटक भी आयोजित किए जाएंगे।
पंजाब संगीत नाटक अकादमी के सचिव सुदेश शर्मा ने बताया कि पंजाब संगीत नाटक द्वारा आयोजित किए जाने वाले इस फेस्टिवल में पंजाब के ग्रामीण इलाकों का खास ध्यान रखा गया है। जिसके अंतर्गत अमृतसर, रोपड़ के साथ ही हरियाणा के ग्रामीण इलाकों और जिलों में नाटकों और म्यूजिकल नाइट का प्रोग्राम किया जाएगा।
पंजाब के सात जिलों के पांच-पांच गांव में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ड्रग्स और अन्य बुराइयों के खिलाफ संदेश दिया जाएगा। पंजाब के कई ऐसे ग्रामीण इलाकों को नाटकों के आयोजन के लिए चुना गया है जो कि बार्डर के पास हैं।
यही नहीं, खालसा कालेज जालंधर में आयोजित किए जाने वाले विरासती मेले में पंजाब यूनिवर्सिटी, पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला, एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, लवली यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करेंगे।
इसके अंतर्गत बठिंडा में चार दिन का नाट्य फेस्टिवल होगा। यह फेस्टिवल बलवंत गार्गी की याद में आयोजित किया जाएगा।
हरियाणा और पंजाब के बीच सांस्कृतिक मेलजोल के लिए पंजाब में हरियाणा थिएटर फेस्ट और हरियाणा में पंजाब थिएटर फेस्ट होगा। अमृतसर में बलराज साहनी के पैतृक गांव प्रीत नगर में नाट्य उत्सव होगा।
यह होगा कार्यक्रम शेड्यूल
10 नवंबर-तमाशा हिंदुस्तान का
17 नवंबर-शहीद की वापसी
24 नवंबर-सूफियाना गायन
1 दिसंबर-गजल गायन
8 दिसंबर-नाटक
15 दिसंबर-म्यूजिकल नाइट
22 दिसंबर-हम सब एक हैं
29 दिसंबर ये कैसा
फेस्ट एवं मेले
14-17 नवंबर-कुरुक्षेत्र में पंजाबी थिएटर फेस्ट
25-28 नवंबर-मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर कुरुक्षेत्र द्वारा हरियाणा थिएटर फेस्ट
27-30 नवंबर रोपड़ में थिएटर फेस्ट
9-10 नवंबर जालंधर के खालसा कालेज में विरासती मेला