‘इस जमाने में कई लोग दगा देते हैं, चैन तो चैन वो तो नीदें भी उड़ा देते हैं।’ रविवार को चंडीगढ़ के टैगोर थिएटर की शाम ‘गीत गजब के’ कार्यक्रम के दौरान ऐसे ही नगमों से सजी।
इस कार्यक्रम का आयोजन स्वर सप्तक क्लब द्वारा हरियाणा के सांस्कृतिक विभाग के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन देशभगत यूनिवर्सिटी की प्रो चांसलर तेजिंदर कौर ने किया। कार्यक्रम में गाए गीत एस राकेश के ग्रुप ‘गीत संगीत’ ने लिखे। वहीं म्यूजिक लवली जीएस का रहा और साउंड रिकार्डिंग जगजीत ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत हुई वीनू कौतिश की गजल ‘इस जमाने में’ से। उसके बाद आरती गिल के गीत ‘नन्हीं नन्हीं बूंदे बारिश की बदन जब चूमें, जी चाहे हम दोनों मस्ती में यूं ही झूमें’ ने श्रोताओं की तालियां बटोरीं।
इसके बाद ब्रजेश अहूजा, शीतू गिल, नीलम चौहान ने अपने गीतों से सबका दिल जीत लिया। वीनू और आरती के युगल गीत ‘दूल्हे राजा की दुल्हनियां आ गई, सब के चेहरे पर खुशियां छा गई’ ने खूब वाहवाही लूटी।
‘थोड़ी-थोड़ी पिया करो’ ने दी प्रसिद्धि
पंकज उधास की गाई गजल ‘थोड़ी थोड़ी पिया करो’ को एस राकेश ने ही लिखा है। राकेश ने बताया कि उन्हें इसी गाने से पहचान मिली। गीतों में संगीत देना और गीत लिखने का शौक उन्हें बचपन से ही रहा है। उन्होंने बताया कि उनका गीत ‘ये पीने वाले बहुत ही अजीब होते हैं’ को गजल सम्राट जगजीत सिंह ने आवाज दी है। उसके बाद ‘दिल मंगदा औ मेथों जान मंगदा’ को उषा उत्थप ने आवाज दी।