रथल के कथित सामूहिक दुष्कर्म मामले में सुखदेव ढाबे के संचालक के बयान दर्ज न होने पर हाईकोर्ट में लगी फटकार के बाद एसआईटी ढाबा संचालक के बयान दर्ज करने की जुगत में लग गई है। दूसरी ओर, ढाबा संचालक अमरीक सिंह अपनी पत्नी के खराब स्वास्थ्य की वजह से व्यस्त चल रहे हैं। हालांकि, जब इस संबंध में उनसे बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि पुलिस जब कहेगी वह बयान देने के लिए तैयार हैं।
एसआईटी की ओर से हाईकोर्ट में 153 गवाहों के बयानों की प्रति पेश की गई लेकिन इसमें सुखदेव ढाबे के संचालक के बयान नहीं थे। हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अमरीक सिंह के बयान लिए जाएं। हाईकोर्ट की फटकार के बाद एसआईटी इस प्रयास में है कि अगली सुनवाई से पहले ढाबा संचालक के बयान ले लिए जाएं। उधर, एसआईटी प्रभारी ममता सिंह ने इस मामले में किसी तरह की कोई बात करने से मना कर दिया।
मीडिया को दिया था बयान
बता दें कि सुखदेव ढाबा के संचालक अमरीक सिंह ने फरवरी में दंगे समाप्त होने के कुछ दिन बाद ही इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के समक्ष बयान देते हुए कुछ महिलाओं के अर्धनग्न होने की बात कबूली थी। इसी को लेकर हाईकोर्ट ने एसआईटी को अमरीक सिंह के बयान दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।