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मुरथल गैंगरेप प्रकरणः पुलिस को तलाशने होंगे तीन सवालों के जवाब

Sat, 27 Feb 2016 10:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरथल(सोनीपत)
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जाट आंदोलन के दौरान मुरथल में ढाबे पर महिलाओं से गैंगरेप का मामला सुलझाने को हरियाणा पुलिस को तीन सवालों के जवाब तलाशने होंगे। क्योंकि हर बार अपने खुलासों और अचीवमेंट के लिए वाहवाही लूटने वाली पुलिस के हाथ इस मामले में खाली है।
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पुलिस ने शुक्रवार को एक पीड़ित परिवार को पेश कर दावा किया कि उस दिन महिलाओं के साथ छेड़छाड़ नहीं हुई है। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि ऐसा उदाहरण देकर पुलिस क्या साबित करना चाहती है।

ऐसे में इन सवालों के जवाब ढूंढना लाजिमी है:
- आखिर ये अंत: वस्त्र हैं किसके?
- प्रत्यक्षदर्शी कानून के पचड़े और कोर्ट के चक्कर काटने के डर तो चुप नहीं हो गए?
- पीड़ित महिलाओं और प्रत्यक्षदर्शियों पर किसी तरह का दबाव तो नहीं डाला जा रहा?

ढाबों पर स्वाद की बजाय कथित दरिंदगी की चर्चा

आरक्षण आंदोलन के बीच उपद्रव के बाद हाईवे पर मुरथल के ढाबे अब स्वाद की बजाय कथित दरिंदगी को लेकर चर्चा में है। पूरे प्रकरण की वास्तविकता क्या है फिलहाल इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता, लेकिन शुक्रवार को मुरथल का माहौल बदला-बदला नजर आया।

आंदोलन से पहले जहां दिल्ली, गुड़गांव के साथ दूसरे शहरों से लोग पराठों का स्वाद लेने 50 से 100 किमी तक का सफर करके आते थे आज वहां दरिंदगी की हकीकत जानने की खुसर-फुसर हो रही थी। हालांकि यह कोई नहीं कह रहा कि उसने पीड़ित महिलाओं को देखा या उसके सामने कोई वारदात हुई।

दबी जुबान में लोग यह जरूर कह रहे हैं कि कुछ हुआ जरूर है तभी तो बात उठी है। इस बात की भी चर्चा है कि मुरथल के ढाबा मालिक ने एक दुष्कर्म पीड़ित को शरण दी थी। शुक्रवार दोपहर 12 बजे ढाबे के बाहर काफी संख्या में लोग जमा थे। अधिकतर मीडिया कर्मी। बाकी पुलिस कर्मियों के साथ अन्य लोग। डीएसपी की अगुवाई में पुलिस ने फिर वही बात दोहराई कि अभी तक कोई पीड़ित सामने नहीं आया। उधर, ढाबा मालिक अमरीक सिंह ने भी इस बात से साफ इंकार किया कि उन्होंने किसी को शरण दी है।

यहां पर दें दें सूचना
टोल फ्री नंबर- 18001802057
हेल्प लाइन नंबर-181
वेबसाइट- www.hsla.nic.in
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एफएसएल ने कब्जे में लिए अंत:वस्त्र

शुक्रवार को मुधबन से एफएसएल टीम मुरथल से आगे हसनपुर और कुराड़ गांव के पास खेतों में पहुंची। टीम ने यहां से महिलाओं के अंत:वस्त्रों को कब्जे में लिया।

डीएसपी सतीश कुमार ने कहा कि यदि लैब में कपड़ों की जांच के बाद कोई सबूत होगा तो सामने आ जाएगा। पुलिस मामले को लेकर गंभीर है। हर एंगल से जांच हो रही है, लेकिन न तो कोई पीड़ित सामने आया है और न ही कोई सबूत।

पुलिस का दावा कोई सबूत नहीं
मीडिया में कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से यह खबर आई थी। इन प्रत्यक्षदर्शियों में ढाबा मालिक के साथ कुछ ग्रामीणों के शामिल होने की बात कही गई। डीएसपी के मुताबिक संबंधित लोगों से पुलिस अधिकारियों ने अलग-अलग तरीके से पूछताछ की है।

सभी ने साफ कहा कि उन्होंने कोई दुष्कर्म या छेड़छाड़ की वारदात जैसा कुछ नहीं देखा और न ही ऐसा कुछ बताया था। डीएसपी ने कहा कि यहां हर किसी से सिविल ड्रेस में भी पुलिस पूछताछ कर चुकी है।
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