जाट हिंसा के दौरान सोनीपत के मुरथल में गैंगरेप मामल में दो चश्मदीद गवाह सामने आए हैं और उन्होंने कई बड़े खुलासे किए। इनके नाम पठानकोट निवासी निरंजन सिंह और राजपुरा निवासी यादविंदर सिंह बताया जा रहा है। ये दोनों ट्रक ड्राइवर हैं।
जानकारी देते हुए निरंजन सिंह ने बताया कि मैं दवाइयां लेकर दिल्ली के लिए निकला था और हाइवे पर लगे जाम में फंस गया। फिर मैं ट्रक से उतरकर मामले की जानकारी के लिए आगे बढ़ तो देखा कि कुछ लड़के कुछ लड़कियों के पीछे भाग रहे थे। वे उनसे जबरदस्ती कर रहे थे। उन्होंने लड़कियों के कपड़े भी फाड़ दिए थे।
वहीं, यादविंदर सिंह ने बताया कि वे भी जाम में फंसे थे। लड़कियों के चिल्लाने की आवाज आ रही थी। जैसे ही वे नीचे उतरे, कुछ युवक उन पर टूट पड़े। उन युवकों ने उनके ट्रक के शीशे तोड़ दिए। पेट्रोल बम में आग लगाकर ट्रक में फेंक दिया, जिससे काफी नुकसान हुआ। मैंने सौ नंबर पर भी कॉल किया, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया।
दोनों चश्मदीद ने बताया कि उन्होंने लड़कों को लड़कियों के पीछे भागते देखा, लेकिन दुष्कर्म होते हुए नहीं देखा।