हरियाणा जाट आंदोलन के दौरान घर से 24 किलोमीटर दूर ड्यूट दे रहा था सुनील कि उपद्रवियों ने उसका घर जला दिया और वह बचा नहीं पाया। आर्मी कैंट हिसार में 19 आर्म्ड रेजिमेंट में तैनात सुनील यादव को ताउम्र अफसोस इसका अफसोस रहेगा कि वह घर के करीब रहते हुए भी हिंसा में बर्बाद हुए अपने आशियाने को बचा नहीं पाया।
दरअसल सुनील यादव का घर यहां ढाणी पाल में है। घर पर उसकी पत्नी के अलावा एक लड़का तथा एक लड़की रहते हैं जबकि सुनील यहां से मात्र 24 किलोमीटर दूर कैंट में ड्यूटी करता है। 22 फरवरी को ढाणी पाल में जाट आरक्षण आंदोलन की आड़ में हुई जातीय हिंसा में उपद्रवियों ने उसका घर भी फूंक दिया था।
सेना की जो प्लाटून यहां पुलिस के साथ तैनात थी वह भी हिसार कैंट से ही थी। सुनील कहता है कि काश, वह उस दिन यहां तैनात सेना के जवानों के साथ ही ड्यूटी कर रहा होता तो हर हाल में अपना घर बचा लेता।