फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुरथल गैंगरेपः हाइकोर्ट के तीखे तेवर दिखे, पहली बार सरकार ने माना, कुछ हुआ

Tue, 05 Jul 2016 12:06 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
मुरथल गैंगरेप केस - फोटो : getty
विज्ञापन
हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान मुरथल में महिलाओं से कथित गैंगरेप मामले में हाइकोर्ट ने सख्त तेवर अपना लिए हैं। वहीं, अब तक ऐसे किसी मामले से इंकार करती आई सरकार ने भी मान लिया है कि मुरथल में ऐसी घटना हुई होगी। हाइकोर्ट ने एसआईटी से मामले के पीड़ितों और आरोपियों की पहचान करने को कहा है।
विज्ञापन


इससे पहले मामले की जांच कर रही एसआईटी ने सोमवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में सीलबंद स्टेटस रिपोर्ट सौंपी है। वहीं, हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट के गोपनीय भाग को मामले की अगली सुनवाई तक हाईकोर्ट में जमा कराने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी।

हाईकोर्ट ने सरकार को कड़ी फटकार लगाई

मुरथल गैंगरेप - फोटो : file
मामले पर बहस के दौरान हाईकोर्ट ने प्रकाश सिंह कमेटी की सीलबंद रिपोर्ट मीडिया में प्रकाशित होने पर हरियाणा सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए पूछा कि यह रिपोर्ट सीलबंद थी तो कैसे मीडिया के पास पहुंच गई। हाईकोर्ट ने सरकार से यह भी पूछा कि मीडिया ने इसे प्रकशित किया, तो इस मामले में सरकार ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की।

इस मामले में हाईकोर्ट को सहयोग दे रहे एमिकस क्यूरी एडवोकट अनुपम गुप्ता ने कहा कि हरियाणा सरकार मुरथल प्रकरण पर महज आईवाश कर रही है। अभी तक कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने अदालत से कहा कि उस महिला के ऑडियो टेप को झूठा नहीं कहा जा सकता, जिसने माना है कि कुछ लोग उसकी बेटी को ढाबे के पीछे ले गए और सात घंटों के बाद उसे छोड़ा गया।

 
विज्ञापन

आखिर सरकार ने माना, मुरथल में जरूर कुछ हुआ है

मुरथल के कथित गैंग रेप मामले में गवाह बॉबी जोशी को लेकर सुखदेव ढाबे पर पहुंची एसआईटी की टीम। - फोटो : amarujala
सोमवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार की ओर से पेश हुए एडीशनल सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया तुषार मेहता ने हाईकोर्ट से पूरी रिपोर्ट पेश करने के लिए कुछ और समय की मांग की। इस बीच, सुनवाई के दौरान सोमवार को आखिरकार हरियाणा सरकार ने माना कि मुरथल में ऐसी घटना हुई होगी।

अब तक इस मामले में प्रदेश सरकार का यही कहना था कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। जस्टिस एसएस सारों और जस्टिस लीजा गिल की बेंच ने हरियाणा सरकार से जाट आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के मामले में सिविल और पुलिस प्रशासन की भूमिका की जांच के लिए गठित की गई प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट का दूसरा व गोपनीय भाग भी हाईकोर्ट में पेश करने को कहा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें