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पूर्व एसपी सहित नौ पुलिसकर्मियों पर हत्या के आरोप तय, 26 साल पुराना है मामला

Fri, 05 Apr 2019 12:36 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोपड़ (पंजाब)
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सांकेतिक तस्वीर
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रोपड़ जिला अदालत ने पुलिस मुलाजिम की मौत के 26 साल पुराने मामले में गुरुवार को पंजाब पुलिस के पूर्व एसपी हरपाल सिंह सहित 9 पुलिसकर्मियों और एक महिला पर हत्या के आरोप तय कर दिए। अदालत ने सभी आरोपियों की जमानत याचिकाएं भी रद्द कर दीं। संगरूर में बतौर सिपाही तैनात परमजीत सिंह अपने गांव बुड्डा भोरा स्थित अपने घर छुट्टी पर आया था। 

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मामले की पैरवी कर रहे परमजीत के भाई रणधीर सिंह ने बताया कि गांव खुआसपुरा के भाग सिंह का मौजलीपुर की महिंदर कौर के साथ पांच हजार रुपये का लेन देन था। यह लेन देन नौकर देने की एवज में था। भाग सिंह और परमजीत 9 जुलाई 1993 को सुबह महिंदर कौर के घर पैसे लेने गए। उसने पैसे शाम को देने की बात कही। 

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : PTI
इसके बाद परमजीत शाम को उसके घर गया तो वहां पहले से मौजूद पुलिस ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। इस दौरान परमजीत के पास मिले पुलिस पहचान पत्र से उसकी शिनाख्त हुई तो पुलिस ने इसे आतंकवादियों के साथ क्रॉस फायरिंग के दौरान गलती से गोली लगने का मामला बताकर गैर इरादतन हत्या की धाराओं के तहत केस दर्ज कर दिया। 

इस पर परमजीत के परिवार ने इसे कत्ल का मामला बताते हुए अदालत का रुख किया। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने इसमें आईपीसी की धारा 304 (ए), 120 बी गैर इरादतन हत्या का चार्ज लगा दिया।

अब अदालत ने मामले में आरोपी तत्कालीन एसएसचओ हरपाल सिंह (सेवानिवृत्त एसपी) समेत तत्कालीन एएसआई संतोख सिंह, गुरनाम सिंह तत्कालीन एएसआई बेला चौकी, इकबाल मोहम्मद हेड कांस्टेबल, मोहिंदर सिंह कांस्टेबल, सुखविंदर लाल कांस्टेबल, परमेल सिंह कांस्टेबल, रजिंदर सिंह कांस्टेबल, जसविंदर सिंह कांस्टेबल और मोहिंदर कौर पर हत्या के आरोप तय कर दिए हैं। 

इंसाफ जरूर मिलेगा: रणधीर
मामले की पैरवी कर रहे रणधीर सिंह ने बताया कि केस लड़ने वाले उनके दादा दलजीत सिंह की 2015 में मौत हो चुकी है। बेशक मामले को 26 साल हो गए हैं, लेकिन उन्हें यकीन है कि इंसाफ जरूर मिलेगा।
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