चंडीगढ़। नगर निगम ने रामलीला के लिए 20 कमेटियों को मंगलवार को अनुमति दे दी। निगम के पास अब तक 44 आवेदन आ चुके हैं। इन आवेदनों को निगम के क्षेत्राधिकारी जांच करने के बाद अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करते हैं। इस पत्र के आधार पर बुकिंग ब्रांच अनुमति देती है। आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने बताया कि जैसे-जैसे कमेटियों का अनापत्ति प्रमाणपत्र विभाग के पास आएगा उन्हें अनुमति दी जाएगी।
नवरात्र में हर साल शहर में विभिन्न जगह रामलीला का आयोजन होता है। इस दौरान रामलीला कमेटियां लगभग एक माह पहले से ही जगह बुक कराने के लिए नगर निगम में आवेदन जमा करा देती हैं। नगर निगम जेई और एसडीओ से इन जगहों का भौतिक सत्यापन करवाता है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद कमेटियों को अनुमति पत्र जारी किया जाता है। मंगलवार को 20 कमेटियों के भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट आने के बाद निगम ने अनुमति पत्र जारी कर दिया। 24 सितंबर से शहर में रामलीलाएं शुरू हो जाएंगी जो 5 अक्तूूबर तक आयोजित होंगी।
पटाखों को लेकर अभी भी असमंजस की स्थिति
दशहरा और दीपावली पर इस बार पटाखे चलाने की अनुमति मिलेगी या नहीं यह अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है। दो साल से शहर में पटाखों को लेकर रोक है लेकिन पंचकूला और मोहाली में खूब पटाखे चलाए जाते हैं। इस कारण चंडीगढ़ के व्यापारी इसका विरोध भी करते हैं। 5 अक्तूूबर को दशहरा है। रावण दहन के लिए पुतले तैयार हो रहे हैं लेकिन उनमें पटाखे लगेंगे कि नहीं यह नहीं पता। रामलीला में भी लोग राम जी की बारात में और जन्म पर पटाखे चलाते हैं। इसे लेकर अभी असमंजस है।
9 लाख रुपये अभी भी प्रशासन के पास है बकाया, डीसी से मिले व्यापारी
वर्ष 2019 में पटाखे बेचने का लाइसेंस लेने के लिए लोगों ने डीसी दफ्तर में 600 रुपये जमा कराए थे। लगभग 1628 लोगों ने इसके लिए आवेदन किया था। इसके लगभग 9 लाख रुपये डीसी दफ्तर में जमा हुए थे। इसके बाद प्रशासन ने पटाखे बेचने पर रोक लगा दी। प्रशासन ने कहा कि लोगों के रुपये खाते में डालेंगे। लोगों ने अपने बैंक खाते की जानकारी भी प्रशासन को दे दी लेकिन अब तक पैसा लोगों को नहीं मिला। इस संबंध में व्यापारी सोमवार को डीसी से मिले। उन्होंने कहा कि देशभर में ग्रीन क्रेकर्स चलाने की अनुमति है यहां भी देनी चाहिए। डीसी ने कहा कि आप अपनी प्रस्तुति दे दें इसके बाद विचार करेंगे।