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Chandigarh News: सात को पेश होगा नगर निगम का बजट, आप-कांग्रेस के शामिल होने पर संशय

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चंडीगढ़। मेयर चुनाव के बाद से शहर में सियासी संग्राम जारी है। चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए आम आदमी पार्टी और कांग्रेस भाजपा पर हमलावर हैं। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। सोमवार को सुनवाई होनी है। इस बीच नगर निगम ने अपना वार्षिक बजट पेश करने के लिए सात फरवरी को सदन की विशेष बैठक बुलाने का फैसला किया है। अब संशय यह है कि इस बैठक में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के पार्षद शामिल होंगे या नहीं। केंद्रीय बजट के बाद नगर निगम हर वर्ष फरवरी के पहले हफ्ते में अपना सालाना बजट पेश करता है। इस विशेष बैठक में नगर निगम की तरफ से पूरे साल के अपने खर्चे और कमाई समेत अन्य की जानकारी दी जाती है। इसमें नगर निगम के राजस्व के भविष्य का रोडमैप भी तैयार होता है। मेयर चुनाव के विवाद की वजह से इस बार यह बैठक काफी अहम हो गई है क्योंकि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के पार्षद मनोज सोनकर को मेयर मानने से इंकार कर चुके हैं।
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आम आदमी पार्टी के पार्षद और नेता प्रतिपक्ष दमनप्रीत सिंह ने कहा कि भाजपा ने धांधली कर मनोज सोनकर को मेयर घोषित कराया है। बजट की बैठक में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में पार्टी के सभी पार्षदों और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक होगी। उसी में फैसला लिया जाएगा। कांग्रेस के पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी ने भी कहा कि पार्टी ही इस संबंध में फैसला लेगी। बैठक करके तय करेंगे कि क्या करना है। उन्होंने कहा कि यह भी देखना होगा कि बैठक के एजेंडे में क्या-क्या होता है।
वहीं, मेयर मनोज सोनकर ने कहा कि हर साल की तरह इस बार भी बजट की बैठक समय पर होगी। विपक्ष का काम सिर्फ राजनीति करना है लेकिन भारतीय जनता पार्टी अपनी जिम्मेदारी निभा रही है और काम करना जारी रखेगी।
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मुद्दे को भुनाने की तैयारी में हैं आम आदमी पार्टी और कांग्रेस
लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मेयर चुनाव का मामला आम आदमी पार्टी और कांग्रेस खूब भुनाएगी। शुक्रवार को दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने चंडीगढ़ मेयर चुनाव को लेकर प्रदर्शन किया तो चंडीगढ़ में कांग्रेस ने भी अपना विरोध दर्ज कराया। सियासी गलियारों में चर्चा है कि लोकसभा चुनाव से पहले दोनों पार्टियों को भाजपा के खिलाफ एक बड़ा मुद्दा मिल गया है। सूत्रों के अनुसार, दोनों पार्टी के नेता आने वाले दिनों में मेयर चुनाव की वीडियो को लेकर बड़ा मुहिम चलाने की तैयारी में हैं। आप आने वाले दिनों में इस अभियान को तेज करने की योजना बना रही है तो कांग्रेस पहले ही इस तरफ कदम बढ़ा चुकी है। आने वाले दिनों में मेयर चुनाव को लेकर विरोध और प्रदर्शन का सिलसिला जारी रहेगा। आप का केंद्रीय नेतृत्व भी मुद्दे पर स्थानीय यूनिट का साथ दे रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि मेयर चुनाव का मुद्दा अभी शांत नहीं होने वाला।
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