पंजाब सरकार अब नगर निगम व नगर पालिकाओं की सुविधा के लिए नई व्यवस्था शुरू कर रही है, जिसके तहत ये सभी अब ऑनलाइन ही स्थानीय निकाय विभाग को अपने प्रस्ताव भेज सकेंगे।
नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) की तरफ से इस काम के लिए सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है। प्रस्तावों पर नजर रखने के लिए जल्द ही एप भी लॉन्च की जाएगी। इस नई व्यवस्था से निगम व नगर पालिकाओं के प्रस्तावों को जल्द मंजूरी मिलेगी, क्योंकि अधिक समय तक अधिकारी इन्हें लंबित नहीं रख सकेंगे।
स्थानीय निकाय विभाग की संयुक्त निदेशक हरजोत कौर ने बताया कि नई व्यवस्था के लिए सॉफ्टवेयर तैयार करने के साथ ही एप लॉन्च करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे निगम व नगर पालिकाओं को काम आसान हो जाएंगे और वह ऑनलाइन ही विभाग के पास अपनी सभी प्रस्ताव भेज सकेंगे। इससे ऑफलाइन फाइलों से तो छुटकारा मिलेगा ही व साथ ही संबंधित फाइल किस अधिकारी के पास पड़ी है, उसकी जानकारी भी आसानी से मिल जाएगी। इससे विभाग के साथ ही निगम व नगर पालिकाओं की कार्यप्रणाली में भी सुधार होगा।
प्रदेश में करीब 167 शहरी स्थानीय निकाय हैं, जिसमें 10 नगर निगम व 100 नगर पालिकाएं हैं। इसके अलावा 56 नगर पंचायतें भी हैं। इन सभी के प्रस्ताव स्थानीय निकाय के पास लटके रहते थे, जिनकी मंजूरी के लिए काफी जद्दोजहद का सामना करना पड़ता था। अब ऑनलाइन सिस्टम होने से ये सभी समस्याएं हल हो जाएंगे।
ऑनलाइन सिस्टम से आएगी पारदर्शिता
विभाग के अनुसार ऑनलाइन सिस्टम से पारदर्शिता आएगी और अधिकारियों की जवाबदेही भी बढ़ जाएगी। अगर किसी अधिकारी के पास ज्यादा समय तक कोई प्रस्ताव लंबित रहता है तो उसकी जवाबदेही तय की जाएगी। साथ ही निगम व पालिकाएं भी एप के जरिये अपने प्रस्ताव पर नजर रख सकेंगे। इससे समय भी बचेगा, क्योंकि वह उन अधिकारियों के साथ ही संपर्क करेंगे, जिनके पास संबंधित प्रस्ताव लंबित होगा।
निगम व नगर पालिकाएं सभी तरह के प्रस्ताव मंजूरी के लिए शहरी निकाय विभाग को ही भेजते हैं, जिनमें फंड, विकास परियोजनाएं, नीतिगत मामले, मूलभूत सुविधाएं से संबंधित प्रस्ताव शामिल हैं। इससे पहले विभाग ने एम-सेवा भी शुरू की हुई है, जिसके तहत विभाग ने कई तरह की ऑनलाइन सेवाओं की सुविधा दी हुई है।
कार्यशाला के जरिये प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया भी शुरू
विभाग ने शहरी निकायों को इसका प्रशिक्षण देना भी शुरू कर दिया है कि ऑनलाइन प्रस्ताव कैसे भेजने हैं। विभाग जल्द ही नई व्यवस्था को शुरू करने की तैयारी कर रहा है, ताकि चुनाव से पहले ही इसे लागू किया जा सकें। इस काम के लिए निगम व नगर पालिकाओं के अधिकारियों के लिए कार्यशालाएं भी आयोजित की जा रही हैं, जिसके जरिये उनको नई व्यवस्था के बारे में जानकारी दी जा रही है।