चंडीगढ़। मुल्लांपुर में बने रहा क्रिकेट स्टेडियम अब महाराजा यादविंदर सिंह के नाम से जाना जाएगा। पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन की रविवार को हुई वार्षिक बैठक में इसे अंतिम मंजूरी मिल गई। सभी सदस्यों ने इस पर सहमति जताई।
पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (पीसीए) के अध्यक्ष पद्मश्री राजिंदर गुप्ता ने बताया, पटियाला के शाही परिवार ने भी महाराजा यादविंदर सिंह के नाम की मंजूरी दे दी है। उन्होंने बताया, हमारी कोशिश होगी कि इस साल मुल्लांपुर स्टेडियम पूरी तरह तैयार हो जाए। यह स्टेडियम अभी तक बन जाना चाहिए था, लेकिन कोविड़-19 के कारण इसका काम बीच में रोकना पड़ा। स्टेडियम के निर्माण कार्य की निगरानी के लिए कमेटी का गठन भी कर दिया गया है। आरएस सचदेवा को संयोजक बनाया गया है। उनके पास सभी प्रशासकीय व वित्तीय अधिकार होंगे।
जिला क्रिकेट एसोसिएशंस होगी एक समान
बैठक में यह प्रस्ताव भी अनुमोदित किया कि अब सभी जिला क्रिकेट एसोसिएशन एक समान होंगी। बैठक में सदस्यों, चयनकर्ताओं, कोच व पदाधिकारियों के लिए नए टीए व डीए नियम भी लागू करने के फैसले को हरी झंडी मिल गई है। यह जानकारी पीसीए के कार्यकारी अधिकारी दीपक शर्मा ने दी।
उत्तर भारत का सबसे शानदार स्टेडियम होगा
मुल्लांपुर में बन रहा अंतरराष्ट्रीय स्तर का यह उत्तर भारत का सबसे शानदार स्टेडियम होगा। इसमें एक साथ 34 हजार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी। विशाल पार्किंग होगी, जिसमें 1640 कारें खड़ी हो सकेंगी। बसों व दोपहिया वाहनों की व्यवस्था अलग है। मोहाली के पीसीए स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान पार्किंग की सबसे ज्यादा समस्या रहती थी।