मुक्तसर में सरहिंद फीडर नहर में यात्रियों से भरी बस गिरने के मामले में थाना बरीवाला पुलिस ने बस चालक और कंडक्टर के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस को शिकायतकर्ता ने बताया कि बरसात के मौसम में भी बस चालक तेज रफ्तार से बस चला रहा था। चालक की लापरवाही से हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई। जबकि दस लोग घायल हो गए। वहीं कुछ यात्री अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश में एनडीआरएफ टीमें बुधवार को भी जुटी रहीं।
पुलिस को दी शिकायत में गांव कट्टियांवाली निवासी तार सिंह पुत्र प्यारा सिंह ने बताया कि उसकी बहन प्रीतम उर्फ प्रीतो पत्नी हरजीत सिंह निवासी गांव मुगलवाला पट्टी तरनतारन दो दिन पहले उसे मिलने के लिए कट्टियांवाली आई हुई थी। वे उसे उसके गांव मुगलवाला में छोड़ने जा रहे थे। वह मलोट बस स्टैंड से न्यू दीप ट्रैवल कंपनी की निजी बस में अमृतसर जाने के लिए बैठे थे। बस का कंडक्टर हरजीत सिंह चालक पुष्पिंदर सिंह से कह रहा था कि बस तेज रफ्तार में लेकर चलो, क्योंकि जल्दी पहुंचना है।
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रास्ते भर तेज रफ्तार में चलाता रहा बस चालक
मलोट से दोपहर बारह बजे चले चालक ने बस तेज रफ्तार से चलानी शुरू कर दी। रास्ते में मुक्तसर तक भी वह लगातार बस भगाता लाया। मुक्तसर के गांव वड़िंग टोल प्लाजा के पास सड़क खराब होने व बारिश होने की बात कहते हुए उन्होंने चालक व कंडक्टर को बस धीमे चलाने को भी कहा था मगर उन्होंने एक न सुनी। जिस कारण बस संतुलन खोकर नहर में जा गिरी। यह हादसा बस चालक व कंडक्टर की लापरवाही से हुआ है। दोनों खुद तो कूद कर भाग निकले, लोगों की जान खतरें में डाल दी।
मामले की जांच कर रहे थाना बरीवाला में तैनात एएसआई गुरमीत सिंह ने बताया कि बस चालक पुष्पिंदर सिंह व कंडक्टर हरजीत सिंह के खिलाफ धारा 304ए,279,337,427आइपीसी के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। दोनों की अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है।
भीम क्रांति संस्थापक ने टोल प्लाजा संचालकों को ठहराया जिम्मेवार
मुक्तसर की संस्था भीम क्रांति के संस्थापक अशोक महिंदरा ने इस हादसे के लिए बस चालक की लापरवाही के साथ-साथ टोल प्लाजा संचालकों को भी जिम्मेवार ठहराया है। महिंदरा का कहना है कि इस हादसे के लिए टोल प्लाजा संचालक भी पूरी तरह से जिम्मेवार हैं क्योंकि टोल प्लाजा पर वाहनों की पर्ची तो काटी जाती है, मगर अनेकों बार धरना प्रदर्शन के बावजूद पुल को चौड़ा नहीं किया गया। करीब दस वर्षों से रोड पर सरिए व अन्य सामान ज्यों का त्यों पड़ा है, मगर रोड आज तक चौड़ी नहीं की गई। अगर इस पुल की रोड को चौड़ा कर दिया गया होता तो शायद आज ये हादसा न होता।
महिंदरा ने सरकार से इस टोल प्लाजा को बंद करने की मांग करते हुए टोल प्लाजा संचालकों व बस मालिकों से मृतकों के परिजनों व घायलों को उचित मुआवजा दिलवाने की मांग की है।