सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद मुख्तार को रोपड़ जेल से लेने के लिए यूपी पुलिस की टीम सोमवार सुबह 9 बजे रवाना हुई थी। वह साथ में हाईटेक एंबुलेंस लेकर आई थी। काफिले में वज्र वाहन सहित कुल नौ वाहन शामिल थे। पूरे दिन सफर करने के बाद यूपी पुलिस के वाहनों के आने का सिलसिला देर रात दो बजे शुरू हुआ जो सुबह सवा आठ तक जारी रहा।
मुख्तार के हाईटेक एंबुलेंस में सवार होने से पहले एंबुलेंस की जांच की गई। पुलिस के अन्य वाहनों के साथ ही एंबुलेंस को रोपड़ जेल से लगभग 2 बजकर 10 मिनट पर रवाना किया गया। पूरी टीम में लगभग 60 पुलिसकर्मी थे। अधिकांश ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहनी थी और वे आधुनिक हथियारों से लैस थे। मेडिकल जांच के दौरान एंबुलेंस में यूपी से आए डॉ. एसडी त्रिपाठी सहित रोपड़ जेल के मेडिकल बोर्ड में शामिल चिकित्सक मौजूद रहे। गौरतलब है कि पिछली बार अंसारी करीब 34 माह बांदा जेल में रहा था।
एंबुलेंस में मुख्तार के लिए शुगर फ्री जूस, दवाएं आदि रखवाईं
रवानगी से पहले जेल प्रशासन से अंसारी ने जरूरत का हर सामान मुहैया कराने का आग्रह किया। इसमें आवश्यक दवाएं आदि शामिल थीं। खासकर रास्ते के लिए उसने शुगर फ्री जूस पर ज्यादा जोर दिया था। इसके बाद जेल प्रशासन ने मुख्तार की जरूरत का हर सामान एंबुलेंस में मुहैया करवाया। इसके लिए यूपी पुलिस की ओर से भी कोई आपत्ति नहीं की गई।
पुलिसकर्मियों के पहचान पत्र की कॉपी जमा करवाई
मुख्तार की सुरक्षा में कोई चूक न हो, इसे लेकर पंजाब पुलिस ने हर पहलू का ध्यान रखा। मुख्तार को ले जाने के लिए आई पुलिस टीम के हर सदस्य की पंजाब पुलिस ने पहचान की। इस दौरान सभी सदस्यों के पहचान पत्रों की कॉपी जमा कराई गई। साथ ही सभी वाहनों के नंबर और फोटो भी पंजाब पुलिस ने लिए।
एसटीएफ का वाहन हुआ खराब
उत्तर प्रदेश की ओर से भी मुख्तार की सुरक्षा के बेहद चाक-चौबंद इंतजाम किए गए। हालांकि सरकार की ओर से मुख्तार की सुरक्षा के लिए तय रूट पर तैनात किए गए यूपी एसटीएफ के वाहन में तकनीकी दिक्कत आ गई। एसटीएफ की टीम इस वाहन को देर शाम तक दुरुस्त कराती रही।