अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। किसान मजदूर मोर्चा के नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि केंद्र सरकार ने फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी की है, जो बहुत कम है। किसान एमएसपी की लीगल गारंटी मांग रहे हैं। इसके साथ ही सी2 प्लस 50 प्रतिशत फार्मूले के अनुसार फसलों का दाम बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। पंधेर ने कहा कि खेती की लागत बढ़ती जा रही है पर उस पर कोई बात नहीं कर रहा है।
पंधेर ने इसे लेकर एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि केंद्र सरकार दीवाली का तोहफा कहकर एमएसपी वृद्धि का प्रचार कर रही है जबकि यह वृद्धि काफी नहीं है। उन्होंने कहा कि हर साल केंद्र सरकार फसलों पर खरीफ और रबी सीजन से पहले एमएसपी का एलान करती है। साल 2025-26 की खरीद के लिए केंद्र सरकार ने गेहूं का रेट 160 रुपये बढ़ाया है। इससे मंडियों में गेहूं इस बार 2585 रुपये में बिकेगा। पिछले साल इसका रेट 2,425 रुपये था। पंधेर ने कहा कि सरकार ने बाकी फसलों की एमएसपी बढ़ाने का भी फैसला लिया है जबकि प्रदेश में सरसो, सूरजमुखी, चन्ना, मसूर की बिक्री एमएसपी पर नहीं हो रही है। ऐसे में बढ़ोतरी का क्या फायदा है।