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जालंधर में छोटे से उद्योग से शुरूआत की, बड़ा मुकाम पाया

Mon, 28 Dec 2015 04:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
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मिलिए एक ऐसे शख्स से, जिसने जालंधर में भाई के साथ मिलकर छोटा सा उद्योग लगाया और उसे ऊंचाईयों पर पहुंचाकर नाम कमाया। आज विनय अग्रवाल का नाम अब सिर्फ नार्थ ही नहीं बल्कि साउथ और वेस्ट तक पहुंच चुका है। चाहे स्टील वेयर हाउसिंग और लाजिस्टिक्स हो या क्रेन रेंटल सर्विसेज या फिर स्टील रिबार प्रोसेसिंग और हास्पिटलिटी सेक्टर। ताराचंद ग्रुप ऑफ इंडस्ट्री में विनय अग्रवाल ने एकदम नई ऊर्जा के साथ ही चलाया।।
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विनय अग्रवाल के बेटे हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि पिता और चाचा अजय अग्रवाल ने वर्ष 1980 में जालंधर से काम शुरू किया था। वर्ष 1991 में में स्टील अथारिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड का हैंडलिंग कांट्रेक्ट लिया। काम इतना बेहतर था कि पंद्रह स्थानों पर काम मैनेज करने को मिला। इसके साथ ही स्टील रिबार प्रोसेसिंग का काम शुरू किया।
 
स्पोर्ट्स मैन स्पिरिट से होता है काम
विनय अग्रवाल ने बताया कि शुरू से ही उनको स्पोर्ट्स का शौक है, खासतौर से बैडमिंटन का। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि सारा काम स्पोर्ट्स मैन स्परिट के संग करते हैं। उन्होंने बताया कि रोजगार पर एजूकेशन अब जरूरी है इसीलिए उन्होंने इंस्टीट्यूट को एडाप्ट किया और स्टूडेंट्स को प्रोत्साहित करने के लिए मेधावी छात्रों के लिए गिफ्ट कूपन जैसी योजनाएं चलाईं।
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इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट एडाप्ट किया
हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि पंचकूला के इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट को इंडस्ट्री द्वारा एडाप्ट किया गया है। इसमें अच्छी शिक्षा दी जाती है। पहले यहां इंडस्ट्री के कोर्स होते थे और अब इसमें हमने हॉस्पिटलिटी की ट्रेनिंग को शुरू करवा दिया है।

पंचकूला में रोजगार दिलाने में हैं सबसे आगे
हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि उनकी और पिता जी की कोशिश युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार प्रदान करवाने की होती है। उन्होंने बताया कि इसी के तहत कुछ समय पहले तीन सौ आईटीआई पास आउट स्टूडेंट्स को बुुलाया गया और उनको क्रेन के लिए ट्रेनिंग देकर रोजगार दिलवाया गया।

हरियाणा टूरिज्म के साथ किया तालमेल
हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2012 में उन्होंने हरियाणा सरकार के साथ तालमेल किया था। कुरुक्षेत्र के आईएचएम से मूक बघिर बच्चों को अपने होटलों में छह माह की अतिरिक्त ट्रेनिंग दी और उसके बाद उन स्टूडेंट्स का प्लेसमेंट करवाया।

हॉस्पिटलिटी सेक्टर में करते हैं नए प्रयोग
हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि वह इंडस्ट्री में नया प्रयोग करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जब होटल पल्लवी तैयार किया तो उसमें सबसे पहले ग्लास की लिफ्ट लगाई। इसी तरह होटल में प्रयोग की जाने वाली क्राकरी खास तौर से तैयार करवाई और इंटरनल सिस्टम को एकदम बेहतर किया।

अपनी क्रेन में भी ला दी लग्जरी
हिमांशु के कुछ नया करने की चाहत का ही कमाल है कि उन्होंने लग्जरी कारों की तरह क्रेन को भी एकदम लग्जरी से लैस करवा डाला। जो क्रेन उनकी इंडस्ट्री से जाती हैं उनके चैंबर में एसी, जीपीएस सिस्टम और रिवर्स कैमरा भी लगवाया। यह क्रेन वर्ष 2013 में तैयार करवाई थी।
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हिमांशु अग्रवाल
स्कूलिंग-व्हीनबर्ग एलेन स्कूल, मसूरी
ग्रेजुएशन-नार्थ वेस्टर्न यूनिवर्सिटी यूएसए

विनय अग्रवाल
स्कूलिंग-पंजाब
ग्रेजुएशन-जीएनडीयू, अमृतसर
हरियाणा बैडमिंटन एसोसिएशन के ट्रेजरार

तारा चंद ग्रुप ऑफ इंडस्ट्री
स्टील वेयर हाउसिंग और लॉजिस्टिक
क्रेन रेंटल सर्विसेज

स्टील रिबार प्रोसेसिंग
पल्लवी होटल एंड रिजार्ट

युवाओं के लिए टिप्स
1-इंडस्ट्री लगाने के पहले कर लें सर्वे।
2-इंडस्ट्री के लिए जरूरी है अपनी जमीन।
3-बजट बनाकर लगाएं इंडस्ट्री
4-सर्विस और प्रोडक्ट की क्वालिटी करें मेंटेन
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