मिलिए इस शख्स से, इन्होंने आज से 35 साल पहले रेशमा फुटवियर्स नाम से बहादुरगढ़ में हरियाणा प्रदेश की पहली फुटवियर इंडस्ट्री लगाई थी।
इनका नाम है बहादुरगढ़ निवासी नरेश बंसल। उन्होंने मंडल कमीशन की स्थापना के सालभर बाद 1980 में नगर के मेन बाजार में रेशमा फुटवियर्स के नाम से एक फैक्टरी की स्थापना की, जो प्रदेश की पहली फुटवियर इकाई थी। आज उस स्थान पर शिवा मार्केट है।
उस दौर में वह चमड़े के जूते और सैंडल बनाते थे। बंसल बताते हैं कि उस समय सारा उत्पादन मैनुअल ही था। मशीनें नहीं थी, इसलिए श्रमिकों की संख्या भी काफी थी। करीब 40 लोग काम करते थे। उनके जूते व सैंडल का बाजार प्रदेश के कई जिलों में फैल गया।
सफलता से हौसला बढ़ा और उन्होंने अपने उद्योग को विस्तार देने की ठान ली। साल 1992 में अपने दोस्त कमल किशोर को साथ लिया। फिर शुरू हुआ बहादुरगढ़ के जूता उद्योग में मशीनी युग। ईवा सोल पर फुटवियर बनाने की शुरुआत करके इन दोनों साथियों ने एयरमैक्स व पीयू सोल पर भी बेहतर उत्पाद देकर अपनी छाप छोड़ी।
रेशमा के बाद रेक्सोना समेत कई फैक्टरयां यहां लगी। नरेश बंसल व कमल किशोर की दोस्ती ऐसी रंग लाई कि आज शहर में उनके तीन फुटवियर प्लांट हैं। वे आधुनिक मशीनों से बेहतरीन माल बनाते हैं। अपनी अच्छी गुणवत्ता व कम कीमत के बल पर मध्यम और निम्न आय वर्ग में उनके उत्पाद खासे लोकप्रिय हैं।
वह स्पोर्ट्स शूज़, लेडीज चप्पल, वैली व स्कूल शूज समेत तमाम तरह के उत्पाद बनाते हैं। करोड़ों रुपये की टर्नओवर वाली उनकी फैक्ट्रियों में सैकड़ों लोगों को रोजगार मिला हुआ है।