चंडीगढ़। शहर के सांसद मनीष तिवारी ने पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया से मुलाकात की। दोनों की यह पहली मुलाकात थी। तिवारी ने प्रशासक के सामने चंडीगढ़ के पांच मुख्य मुद्दे उठाए और उन्हें हल कराने की मांग की। तिवारी ने कहा कि यह मुद्दे 25 साल से अधिक समय से लंबित हैं। इनका तुरंत समाधान निकालने की जरूरत है। मुलाकात के दौरान सांसद मनीष तिवारी ने शेयर अनुसार संपत्तियों की खरीद और बिक्री पर लगे रोग को हटाने की मांग की। तिवारी ने कुछ दिन पहले इस मुद्दे को संसद में भी उठाया था। उन्होंने चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के मकान में रहने वाले लोगों की दिल्ली की तर्ज पर नीड बेस्ड चेंज की मांग पूरी करने का भी प्रशासक से आग्रह किया। तिवारी ने इसे लेकर संसद में केंद्र सरकार से सवाल पूछा था जिस पर केंद्र ने ऐसा करने से मना कर दिया था। केंद्र ने जवाब दिया कि दिल्ली की तर्ज पर अनुमति नहीं दी जा सकती, क्योंकि चंडीगढ़ एक योजनाबद्ध शहर है, जिसका यूनिक आर्किटेक्चरल कैरेक्टर है और भूकंप के प्रति उच्च संवेदनशीलता है क्योंकि यह भूकंपीय क्षेत्र-4 में आता है और अनधिकृत उल्लंघन मानव जीवन और सार्वजनिक संपत्ति के लिए खतरा पैदा कर सकता है। तिवारी ने प्रशासक के सामने शहर के पुनर्वास कॉलोनी में रहने वाले लोगों को मालिकाना हक देने, लाल डोरा खत्म करके बाहर के मकानों को नियमित करने की भी मांग रखी। साथ ही उन्होंने कोऑपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी के लंबित मुद्दों को भी जल्द हल करने का आग्रह किया। तिवारी ने बताया कि इनमें से अधिकतर मुद्दे कई साल से लंबित है। ऐसे में प्रशासक को अपने अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करके इन मुद्दों को जल्द से जल्द हल कराना चाहिए।