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Chandigarh News: शिक्षा ऋण पर वसूला अधिक ब्याज, एसबीआई पर लगाया हर्जाना

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चंडीगढ़। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने शिक्षा ऋण लेकर लंदन पढ़ाई करने गई छात्रा को बीमा पॉलिसी का लाभ न देकर अधिक ब्याज दर वसूलने पर एसबीआई को सेवा में कोताही का दोषी करार दिया है। आयोग ने बैंक को 78 हजार रुपये बीमा राशि लौटाने का आदेश दिया है। इसके साथ मानसिक उत्पीड़न के लिए 30 हजार व केस में खर्च के लिए दस हजार रुपये देने के निर्देश दिए हैं।
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सेक्टर-20 निवासी तन्मया कालरा ने आयोग को दी शिकायत में बताया कि लंदन स्थित किंग्स कॉलेज में पढ़ाई करने के लिए 17 अगस्त 2021 को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से शिक्षा ऋण के लिए आवेदन किया था। 28 अगस्त 2022 को 70 लाख 78 हजार रुपये को ऋण पास हुआ। इसमें 70 लाख रुपये शिक्षा ऋण और एसबीआई ऋण रक्षा जीवन बीमा पॉलिसी के लिए 78,304 रुपये की राशि शामिल थी। पॉलिसी के नियम अनुसार बीमा लेने वाले को 0.50 प्रतिशत ब्याज दर पर पर ऋण मुहैया करवाया जाने का नियम व शर्तें शामिल थीं। ऋण पास होने के बाद बैंक ने समय-समय पर राशि का भुगतान कर दिया। बैंक ने ऋण देने के साथ नियमित रूप से खाते से ब्याज काटना शुरू कर दिया। एक साल बीतने पर छात्रा ने खाते की स्टेटमेंट निकाली तो पता चला कि बैंक 0.50 प्रतिशत से अधिक ब्याज दर वसूल रहा है। इसे लेकर बैंक को शिकायत दी गई लेकिन कोई उचित कार्रवाई नहीं हुई।
मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने कहा कि एसबीआई ऋण रक्षा जीवन बीमा पॉलिसी का लाभ उठाने वाले छात्रों को 0.50 प्रतिशत की रियायत नहीं दी गई। आयोग ने बैंक को शिकायतकर्ता को बीमा पॉलिसी के 78,304 रुपये लौटाने के साथ-साथ मानसिक उत्पीड़न के लिए तीस हजार और केस में खर्च हुई राशि के रूप में दस हजार रुपये देने के निर्देश दिए हैं।
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