चंडीगढ़। सांसद मनीष तिवारी ने नगर निगम सदन में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पार्षदों के साथ हुई धक्का-मुक्की को लोकतंत्र की हत्या करार दिया है। तिवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि पुलिसकर्मियों को मार्शल बनाकर सदन में तैनात किया गया और पार्षदों को बर्बर तरीके से रोका गया। उन्होंने इस घटना को अनिल मसीह वाला पल बताते हुए कहा कि विपक्षी पार्षद केवल इतना मांग रहे थे कि प्रशासन को केंद्र से मिलने वाले 5800 करोड़ रुपये में से 30 प्रतिशत राशि नगर निगम को मिले, जैसा कि वित्त आयोगों ने निर्धारित किया है। सांसद ने लिखा कि यदि प्रशासन ऐसा नहीं करना चाहता तो कम से कम वी-3 सड़कों की मरम्मत कर 180 से 270 दिनों में नगर निगम को सौंप दे क्योंकि यह उसकी संपत्ति है लेकिन इसके बजाय पार्षदों को बलपूर्वक दबाया गया। तिवारी ने सवाल उठाया कि प्रशासन वी-6 सड़कों की मरम्मत क्यों नहीं करता जहां अधिकांश जनता निवास करती है जबकि वी-3 सड़कों पर सिर्फ वीवीआईपी काफिले चलते हैं।