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अधिकारी लेट हुए तो सांसद खेर भड़कीं, बोलीं- मुझे पहले क्यों बुलाया?

Tue, 04 Oct 2016 01:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला(दीपक शाही)
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अधिकारी लेट हुए तो सांसद खेर भड़कीं - फोटो : अमर उजाला
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रेलवे स्टेशन पर रेल अधिकारी देरी से पहुंचे तो चंडीगढ़ की सांसद किरण खेर उनपर भड़क गई। कहा खुद लेट होना था तो मुझें पहले क्यों बुलाया। ऐसे ट्रेन का संचालन मत करवाइएगा नहीं तो यात्री परेशान हो जाएंगे।
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दरअसल चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर कुछ नए सुविधाओं के उद्घाटन के लिए उन्हें बतौर मुख्य अतिथि बुलाया गया था। वह सुबह अपने निर्धारित समय 11 बजकर 10 मिनट पर स्टेशन के कांफ्रेस हॉल में पहुंच गईं थी। पांच मिनट बाद उन्होंने पूछना शुरू कर दिया रेल अधिकारी कहां हैं। उसके दस मिनट बाद अंबाला डिवीजन की सीनियर डीसीएम प्रवीणा गौड़ पहुंची। जैसे ही वह कांफ्र्रेंस हॉल में एंटर हुई। उन्होंने अपना परिचय देते हुए सांसद को नमस्कार किया।

फिर क्या था सांसद का गुस्सा फुटा और उन्होंने बोलना  शुरू हो कर दिया। ये क्या मजाक बना रखा है। मुझें पहले बुला लिया और खुद 20 मिनट लेट पहुंचे। सांसद को आगबबुला होते देख। नॉदन रेलवे के जीएम उस समय सामने नहीं आए। बात यहीं खत्म नहीं हुई। जैसे ही वह रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं के उद्घाटन के लिए निकली। रेल अधिकारी पीछे रह गए। फिर एक बार सांसद का आगबबुला हो गई। कहने लगी ये तो टोटली मिस मैनेजमेंट है। क्वाडिनेशन इज भेरी बैड। इतना सुनते ही सभी रेल अधिकारी उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलने लगे। 
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पसीना आया तो सांसद किरन खेर फिर भड़की

अधिकारी लेट हुए तो सांसद खेर भड़कीं - फोटो : अमर उजाला
एक्जिक्यूटीव लॉज में थोड़ी देर सांसद बैठी। जैसे ही उन्हें पसीना आया। पहले तो उन्होंने अपना सिर चारों तरफ घुमाया। उनकी नजर एक्जिक्यूटीव लॉज में लगे पंखों पर पड़ी। एसी कहीं नहीं दिखा। तभी पीछे से कोई बोल पड़ा यहां तो बड़ी गर्मी है। सांसद को फिर मौका मिल गया। इसमें एसी क्यों नहीं लगा। सांसद की बात सुनते ही नॉदन रेलवे के जीएम ने इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि  यहां एसी लगवाना सुनिश्चिन करें। 

रिटायरिंग रूम में घुसते ही सबसे पहले सांसद बाथरूम और शौचालय देखने पहुंची। तुरंत उन्होंने सवाल उठा दिए। इसे बनवाया किसने । कोई जवाब दे पाता। इतने में उन्होंने दूसरा सवाल पूछा लिया  क्या आपलोग कोई काम करते हो तो उसकी प्लालिंग नहीं होती।

तबतक पीछे से रेलवे के एक बड़े अधिकारी ने जवाब दिया कि होती है, तो फिर शौचालय और बाथरूम अलग अलग क्यों बनवाया। कोई कुछ बोल पाता, सांसद फिर बोल पड़ी। क्या कोई टॉवेल लपेटकर एक जगह से दूसरी जगह जाएगा। इसका तो बंदोबस्त करो। इसे ढ़कने के लिए बाहर से यहां पर्दे तो लगवा दो।

 
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