अंडरपास की बजाए सब-वे बनाने की तैयारी में प्रशासन
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अंडरपास बनाने के मामले में सांसद किरण खेर और प्रशासन आमने-सामने हैं। नए अंडरपास मामले में इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की राय सांसद खेर से एकदम भिन्न है। इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट शहर में कहीं भी कोई नया अंडरपास बनाने के पक्ष में नहीं है। चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद ने इस बारे में स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि अंडरपास बनाना समस्या का हल नहीं है बल्कि नई समस्याओं को बढ़ावा देना है।
अंडरपास बनने के बाद ट्रैफिक फ्लो इस ओर ज्यादा होगा। जिस कारण अंडरपास के आगे रोड पर जाम की स्थिति रहेगी। अंडरपास में भी वाहनों का जाम रहेगा। चार दिन पहले ही सांसद किरण खेर ने एडवाइजर परिमल राय को दो सेक्टरों की कनेक्टिविटी के लिए अंडरपास बनाने के लिए चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में सांसद ने लोगों की शिकायतों का हवाला दिया है।
इस चिट्ठी के बाद ही अंडरपास पर प्रशासन का रुख जाना गया। चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद ने कहा कि अंडरपास की बजाए सब-वे बनाना बेहतर विकल्प होगा। सेक्टर-17 और 16 को आपस में जोड़ने के लिए सब-वे बनाया जा रहा है। इसका डिजाइन फाइनल होने के बाद टेंडर प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। इसी तर्ज पर दूसरे सेक्टरों में भी सब-वे बनाए जा सकते हैं। जिस कारण पैदल यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। उन्हें रोड क्रॉस करने के लिए राउंडअबाउट पर नहीं पहुंचना पड़ेगा।