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नेशनल हेराल्ड मामले में मोती लाल वोहरा ने दाखिल की याचिका, जानें क्या है मामला

Thu, 11 May 2017 09:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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नेशनल हेराल्ड मामले में याचिका - फोटो : file photo
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नेशनल हेराल्ड केस एक बार फिर चर्चाओं में है। ईडी जांच को लेकर अब मोती लाल वोहरा ने बड़ी मांग की है। पंचकूला में नेशनल हेराल्ड न्यूज पेपर के पब्लिशर एसोसिएट जरनल लिमिटेड (एजेएल) को प्लाट आवंटित करते हुए अनियमितताएं बरतने के मामले में ईडी की ओर से दर्ज मामले को खारिज करने की अपील करते हुए ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के ट्रेजरर मोती लाल वोहरा और एजेएल ने याचिका दाखिल की है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने ईडी को 23 मई के लिए नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न उनकी ओर से शुरू की गई कार्रवाई पर रोक लगा दी जाए। 
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याचिका में आरोप है कि ईडी ने पंचकूला में प्लॉट अलाट करने के मामले में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, एजेएल के अधिकारियों व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने हरियाणा राज्य सतर्कता ब्यूरो की प्राथमिकी का संज्ञान लेने के बाद धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएलएलए) के प्रावधान के तहत  एक आपराधिक मामला दर्ज किया। 

याची ने कहा कि ईडी इस मामले में उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। यह कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से उठाया गया कदम है। इस मामले में उन पर वह सभी धारा लगाई गई, जो एक गैर कानूनी काम करने वाले पर लगाई जाती है, जबकि यह मामला केवल एक प्लाट अलाटमेंट का है। इसमें एफआईआर दर्ज करना गलत है।
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पंचकूला में सेक्टर-6 स्थित प्लाट नंबर सी-17 नियमों के तहत ही अलाट हुआ था। याचिकाकर्ता ने प्रवर्तन निदेशालय की ओर से इस मामले में की जा रही जांच पर रोक की मांग की थी। याची के वकील कपिल सिब्बल का पक्ष सुनने के बाद कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय की जांच पर रोक लगाने से इनकार करते हुए केवल नोटिस जारी कर जवाब तलब किया। 
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पांच मई को हुड्डा पर दर्ज हुआ था मामला

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) के तत्कालीन अध्यक्ष पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा और हुडा के चार अन्य अधिकारियों के खिलाफ इसी साल पांच मई को मामला दर्ज किया गया था। हुड्डा उस समय मुख्यमंत्री के रूप में हुडा के पदेन अध्यक्ष थे। बाद में इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी। 

अंतरिम राहत के लिए आवेदन की छूट
चीफ जस्टिस एसजे वजीफदार व जस्टिस अनुपिंदर सिंह ग्रेवाल की खंडपीठ ने कहा कि इस दौरान याची पक्ष को कोई अंतरिम राहत चाहिए तो इसके लिए आवेदन करने की छूट है। मोती लाल वोहरा और एजेएल की ओर से दाखिल याचिका पर 23 मई तक ईडी को पक्ष रखना होगा।
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