सेक्टर- 35 बंग भवन में दुर्गा पूजा के दौरान डांस की प्रस्तुति देती महिला।
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चंडीगढ़। सेक्टर-35 स्थित बंग भवन और कालीबाड़ी में शनिवार से दुर्गा पूजा शुरू हो गई। पहले दिन बोधन, आमंत्रण, अधिवास पूजा और आरती के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस दौरान आगमनी पूजा का आयोजन हुआ। इसमें दिखाया गया कि मां दुर्गा ने किस प्रकार दैत्य महिषासुर का वध किया। यहां मां दुुर्गा का भव्य और आकर्षक पंडाल बनाया गया है। रंग बिरंगी रोशनी से पंडाल की सजावट देखते ही बन रही है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा में हिस्सा लेने के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल हुए। यह पूजा 4 अक्तूबर तक चलेगी।
बंगिया सांस्कृतिक समिमनली के सांस्कृतिक उपाध्यक्ष भवानी पाल ने बताया कि मां दुर्गा की आगमनी के लिए एक घंटा का नृत्य नाटिका हुआ। इसमें करीब 45 लोग पांच वर्ष से लेकर 70 वर्ष के उम्र के लोग शामिल रहे। इस बार भोरेर आगमन खास रही। भवानी पाल ने बताया कि इस दौरान आगमनी शुरू हुई। आगमनी में मां दुर्गा के रूप का वर्णन के साथ यह दिखाया गया कि महिषासुर तपस्या करता है। उसे वर मिलने पर शक्तिशाली बन जाता है। महिषासुर के अत्याचार के बाद तीनों देवों ब्रह्मा, विष्णु और महेश के ज्योति से भगवती का प्रादुर्भाव होता है। इस कार्यक्रम के निर्देशन भी भवानी पाल ने किया है। बंगिया सांस्कृतिक सम्मिलनी के अध्यक्ष अनिंदु दास ने बताया कि सप्तमी, अष्टमी और नवमी को रात में सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा। अनिंदु दास ने बताया कि सेक्टर-15 स्थित श्री राम कृष्ण मिशन के सचिव स्वामी अनुपमा नंदा ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उधर, कालीबाड़ी में भी भव्य आयोजन हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में पहुंचे। माता की पूजा और आरती के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुुआ।