देश में भारत माता का तीसरा मंदिर बनेगा और हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में ज्योतिसर के पास इसके लिए पांच एकड़ जमीन देने की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने यह घोषणा हरिद्वार में की। साथ ही इस मंदिर के निर्माण का दायित्व स्वामी अवधेशानंद गिरी और स्वामी ज्ञानानंद को सौंपा है।
यह मंदिर धर्मनगरी के नए मठ और मंदिरों की श्रृंखला में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने में अहम रोल अदा करेगा। पिछले आठ वर्ष के दौरान कुरुक्षेत्र को इस्कॉन टेंपल, तिरुपति मंदिर, अक्षर धाम मंदिर और गीता ज्ञान संस्थानम, 18 मंजिला ज्ञान मंदिर प्रोजेक्ट मिल चुके हैं। अब भारत माता मंदिर की घोषणा कुरुक्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बता दें कि बुधवार को हरिद्वार में परमाध्यक्ष भारत माता मंदिर के संस्थापक भानु पुरा पीठ के जगतगुरु शंकराचार्य, रानी रंगीली अखाड़े के महामंडलेश्वर रहे ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद महाराज के लिए श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया था। श्रद्धांजलि देने के लिये आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के अलावा विभिन्न धर्मो के धर्मगुरु, राजनीति और अन्य क्षेत्रों की कई बड़ी हस्तियां यहां पहुंची थीं।
इस श्रद्धांजलि समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कुरुक्षेत्र में भारत माता मंदिर की स्थापना करने के लिए पांच एकड़ भूमि देने की घोषणा की। भारत माता ट्रस्ट के अगले संचालक एवं ब्रह्मलीन सत्यमित्रानंद के शिष्य एवं जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने मुख्यमंत्री मनोहरलाल की इस घोषणा की तारीफ की।
थानेसर के विधायक सुभाष सुधा एवं कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने मंदिर के लिए हुई घोषणा का स्वागत किया। बताया गया है कि राज्य सरकार भारत माता मंदिर के लिए गीता जन्मस्थली ज्योतिसर के आसपास पांच एकड़ भूमि देगी। बुधवार को घोषणा के साथ ही इसके लिए प्रयास शुरु हो गए हैं।
हरिद्वार में बना भारत मां का पहला मंदिर
पद्मविभूषण स्वामी सत्यमित्रानंद के प्रयासों से ही करीब चार दशक पहले हरिद्वार में भारत माता मंदिर के निर्माण की कल्पना साकार हुई थी। इस मंदिर का उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 15 मई 1983 को किया था। भारत माता मंदिर की भव्यता में इसके वास्तुकार गुजरात के वडोदरा वासी नरेंद्र भाई एकनाथ पटेल की विशेष भूमिका रही।
ये विशेष है भारत माता मंदिर में
- पहला मंदिर हरिद्वार में और दूसरा वाराणसी में है
- वाराणसी का भारत माता मंदिर काशी विद्यापीठ विवि में है।
- हरिद्वार के भारत माता मंदिर की भव्यता लोगों आकर्षित करती है
- इस सात मंजिला मंदिर में देश की सांस्कृतिक की विविधता को देखा जा सकता है
- मंदिर में भारत माता के अलावा देश के महापुरुषों की प्रतिमाएं देखी जा सकती हैं