40 करोड़ से अधिक की प्रॉपर्टी की मालकिन इलाज के लिए दवाओं तक को मोहताज हो गई है। इसलिए वह अपनी तीन बेटियों के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची है। क्योंकि वह अपनी तीन बेटियों के कारण इलाज के लिए दवाओं तक को मोहताज हो गई है। इसलिए अब अपनों से ही इंसाफ के लिए 83 वर्षीय जोगिंदर कौर ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की शरण ली है। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रशासक के सलाहकार, गृह सचिव, डीसी व एसएसपी सहित पंजाब के गृह सचिव, मोहाली के एसएसपी व याची की तीनों बेटियों और उनके पतियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
मजदूरी से की थी शुरुआत
याची ने बताया कि वह अपने पति के साथ चंडीगढ़ आई थी तो दोनों ने मजदूरी कर जीवन यापन शुरू किया। छोटे कमरे में रहकर बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाई और धूमधाम से उनकी शादी की। 2011 तक सब ठीक था, लेकिन पति की मौत के बाद सब कुछ बदल गया। बेटियों के केस करने के कारण अब उसकी जिंदगी बदतर हो गई है।
किराए के 40 लाख भी रुके
याची ने हाईकोर्ट को बताया कि इंडस्ट्रियल प्लॉट को किराए पर दिया गया है। इस किराए की राशि से ही उसका गुजारा चलता था। बेटियों ने किराएदारों से किराया भी रुकवा दिया। यदि उसको किराया ही दिलवा दिया जाए तो उसे करीब 40 लाख रुपये बकाया किराए के रूप में ही मिल जाएंगे। हाईकोर्ट ने इस अपील पर किराएदारों को भी नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।