उन्होंने बताया कि उनके नाना को लकवा मार गया था। इस जानकारी के आधार पर जगजीत सिंह अपने ननिहाल पहुंचे। वहां नानी मिली और उन्होंने बताया कि उसकी मां हरजीत कौर की शादी करनाल में हुई थी। शादी के कुछ समय के बाद पति की हादसे में मौत हो गई थी और उसका सोनू नाम का एक बेटा भी था। जब जगजीत ने बताया कि वह ही सोनू है तो सभी भावुक हो उठे।
जगजीत सिंह ने बताया कि ननिहाल परिवार से पता चला कि पिता की मौत के बाद मां की दूसरी शादी समाना में करा दी थी। दूसरी शादी से मां के तीन बेटियां व एक बेटा भी है। जगजीत सिंह उस दिन समाना में जाकर अपनी मां से नहीं मिले। वह चाहते थे कि अपनी पत्नी व बच्चों के साथ उनसे मिलें। अगले दिन वह दोबारा अपने परिवार व दोस्तों के साथ नानी से मिले और फिर उन्हें लेकर समाना में अपनी मां से मिले। यह क्षण काफी भावुक था।
जगजीत सिंह ने बताया कि उनकी मां की एक टांग खराब हो चुकी है लेकिन सालों के बाद बेटे को देखकर वह अपना दर्द भूल गईं और उसे गले लगाकर काफी देर तक चूमती रहीं। नानी ने जगजीत सिंह को बताया कि हरजीत कौर पिछले कुछ समय से काफी बीमार रहती है लेकिन अपने बेटे जगजीत सिंह से मिलने की इच्छा ने उसे जिंदा रखा। जगजीत सिंह ने कहा कि वह जल्द ही मां को अपने पास लाएंगे और उनका इलाज कराएंगे। वह अपनी बहनों व छोटे भाई को भी मिलने की इच्छा रखते हैं।