एक शिक्षक का बेटा होने के नाते वह शिक्षकों की समस्याओं को अच्छी तरह जानते हैं। शिक्षकों के सामने आने वाली सभी समस्याओं को हल करना उनका कर्तव्य है। उन्होंने एक जरूरतमंद लड़की का किस्सा साझा किया, जो मेहनत-मजूदरी कर ऊंचे मुकाम पर पहुंची है। उन्होंने कहा कि पुरानी सरकारें शिक्षकों को नियमित करने के नाम पर राजनीति ही करती रहीं लेकिन असल में उनके लिए कुछ नहीं किया। शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने सभी अध्यापकों को बधाई दी।
जनगणना में शिक्षकों की ड्यूटी नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य में जनगणना के लिए 66000 शिक्षकों की मांग की थी, जिसे उन्होंने साफ तौर पर अस्वीकार कर दिया और केंद्र सरकार से इस उद्देश्य के लिए बेरोजगार युवाओं की भर्ती करने को कहा। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं को सरकारी कामकाज की जानकारी हासिल करने के साथ-साथ अपने कौशल विकास में भी मदद मिलेगी। शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पढ़ाने का ही काम करेंगे, इसके अलावा अब उनसे कोई काम नहीं लिया जाएगा।
भावुक हो गए शिक्षक
कई वर्षों अस्थायी तौर पर नौकरी कर रहे शिक्षकों को जब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नियुक्ति पत्र सौंपे तो कई शिक्षक भावुक हो गए। कई महिला शिक्षकों की आंखों में आंसू आ गए। एक महिला शिक्षक ने रोते हुए मुख्यमंत्री को गले लगा लिया।
कितना वेतन मिलेगा
| श्रेणी |
पुराना वेतन |
नया वेतन |
| एसोसिएट टीचर |
9500 |
20500 |
| ईटीटी व एनटीटी |
10250 |
22000 |
| बीए, एमए, बीएड |
5500 |
15000 |
| शिक्षा वॉलंटियर |
3500 |
15000 |
| ईजीएस, ईआईई व एसटीआर |
6000 |
18,000 |