पंजाब यूनिवर्सिटी में भिड़े स्टूडेंट्स
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पीयू में 11 अप्रैल को फीस वृद्धि विवाद के दौरान जिन 68 छात्रों पर एफआईआर दर्ज हुई थी, उनमें से 15 स्टूडेंट्स को रविवार को वीसी ने बेकसूर बताया है। पीयू की ओर से बनाई गई रिव्यू कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार पत्थरबाजों में अधिकतर आउटसाइडर शामिल थे। अब पीयू प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की है कि पीयू स्टूडेंट्स एंड स्टाफ मेंबर्स अपने आई कार्ड अपने पास रखें, तभी उनको एंट्री दी जाएगी।
वीसी ने बताया कि 15 स्टूडेंट्स मामले में सीधे तौर पर शामिल नहीं थे। वीसी ने उनके नामों की लिस्ट प्रशासक को भी सौंपी है। पुलिस ने इन छात्रों पर पुलिस पर पथराव करने, सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने और सरकारी प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने के आरोप में केस दर्ज किया था।
विदित रहे कि पीयू की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में 124 ए(देशद्रोह) की धारा भी जोड़ी थी। हालांकि, बाद में पुलिस ने एफआईआर से देशद्रोह की धारा हटा दी थी। एसएसपी ईश सिंघल ने बताया कि उनकी प्राथमिक जांच में देशद्रोह लगाने की कार्रवाई पुख्ता नहीं हुई।
पीयू ने बनाई स्पेशन रिव्यू कमेटी
वीसी अरुण ग्रोवर ने बताया कि मामले की जांच के लिए उन्होंने एक स्पेशल रिव्यू कमेटी गठित की थी। कमेटी की जांच में सामने आया कि 15 स्टूडेंट्स सीधे तौर पर पत्थरबाजी में शामिल नहीं थे। इस मीटिंग में वाइस चांसलर, एसएसपी ईश सिंघल, थाना प्रभारी-11,17 व 3 शामिल थे। एसएसपी ईश सिंघल ने बताया कि वाइस चांसलर की ओर से 15 स्टूडेंट्स की लिस्ट मिली है। पीयू कमेटी ने लिखा है कि ये छात्र निर्दोष है।