चंडीगढ़। कोरोना महामारी के चलते बीते सात महीने से बंद जिला अदालत में सोमवार से दोबारा कामकाज शुरू हो गया। सोमवार को अदालत को खोलने से पहले सैनिटाइजेशन समेत कोरोना से बचाव के सभी जरूरी कदम उठाए गए लेकिन पहले दिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही मामलों की सुनवाई हुई। एक गेट से ही अदालत परिसर में प्रवेश दिया गया, अन्य सभी गेट बंद रहे।
कार्ड देखकर ही मुुंशी को प्रवेेश दिया जबकि क्लाइंट्स को प्रवेश नहीं मिला। जिला और सत्र न्यायाधीश ने शारीरिक रूप से सुनवाई में शामिल होने की अनुमति दे दी थी। सोमवार को वकीलों की तरफ से प्रतिक्रिया कुछ खास नहीं मिली। इसके कारण अधिकतर अदालतें बंद रही। बार एसोसिएशन के प्रधान एनके नंदा ने कहा कि सोमवार को वह तीन मामलों की सुनवाई में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए। ऐसे में वकीलों और उनके क्लाइंट्स को काफी परेशानी हो रही है। वकीलों का कहना है कि फिजिकल हियरिंग के लिए एक पक्ष तो तैयार हो जाता है लेकिन दूसरा पक्ष तैयार ही नहीं होता। ऐसे में कैसे सुनवाई शुरू हो सकती है। ऐसे में अदालत के केसों की संख्या बढ़ती रहेगी और न्याय मिलने में देरी होगी। सोमवार को वकीलों और मुंशियों को अदालत परिसर तक जाने की मंजूरी दी गई और वह गए भी लेकिन किसी भी अदालत में सुनवाई नहीं हुई। वहीं अगर किसी वकील को केस से संबंधित कोई रिकॉर्ड या फाइल निकलवानी थी तो वह कम भी हुआ है।