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ये कैसा मानसून: सूखे रहने वाले इलाकों में बारिश, तर इलाके सूखे

Sat, 16 Jul 2016 10:10 AM IST
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
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मानसून ने दी दस्तक, झमाझम हुई बारिश - फोटो : अमर उजाला
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मानसून आने से पहले किसानों की चेहरे खिले थे, लेकिन बारिश के पैटर्न ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। सूखे वाले इलाके में बारिश और बारिश वाले इलाके सूखे। मतलब, जो जिले धान की खेती के लिए पहचाने जाते हैं, वहां सूखे जैसे हालात हैं। वहीं जो इलाके सूखे के लिए जाने जाते थे, वहां पर सामान्य से अधिक बारिश हुई है।
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हरियाणा के कुरुक्षेत्र में 76 फीसदी, करनाल में 42 फीसदी, कैथल में 42 फीसदी, अंबाला में 57 फीसदी और पानीपत में 69 फीसदी कम बारिश हुई है। इन इलाकों की पहचान धान की खेती से है। पंजाब के होशियारपुर में 39 फीसदी, जालंधर में 32 फीसदी, पटियाला में 38 फीसदी, नवांशहर में दो फीसदी, फतेहगढ़ साहिब में 32 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। ये आंकड़े एक जून से लेकर 13 जुलाई तक के हैं।

सूखे इलाकों में अच्छी बारिश
इस बार बारिश की बौछारें कुछ ऐसी पड़ रही हैं कि हर कोई हैरान है। जो इलाके सूखे के लिए माने जाते हैं, वहां जमकर बारिश हो रही है। हरियाणा के महेंद्रगढ़, हिसार, भिवानी, रेवाड़ी में बारिश काफी कम होती थी, लेकिन इस बार इन जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। महेंद्रगढ़ में एक फीसदी, हिसार में 50 फीसदी, जींद में 38 फीसदी, रेवाड़ी में 27 फीसदी, भिवानी में 10 फीसदी अधिक बारिश हुई है।
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पंजाब के कॉटन बेल्ट पर अच्छी बारिश

Heavy rain makes flood situation in Agra - फोटो : अमर उजाला
बारिश के बदलते स्वरूप का असर पंजाब के जिलों में भी दिखा है। पंजाब के कॉटन बेल्ट में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई है। संगरूर में 48 फीसदी, मोगा में 57 फीसदी, बठिंडा में 23 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है। मानसा में सात फीसदी कम बारिश हुई है। पंजाब में सबसे अच्छी बारिश कपूरथला में हुई है। हालांकि यहां भी धान की खेती होती है। कपूरथला में 132 फीसदी रिकॉर्ड बारिश दर्ज हुई है। इसके अलावा अमृतसर में 52 फीसदी, बरनाला में 62 फीसदी सामान्य से अधिक बारिश हुई है।

अभी अच्छी बारिश होने की संभावना है। पंजाब के अधिकतर हिस्सों में ट्यूबवेल से सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है। सरकार ने पावरकॉम को आठ घंटे बिजली देने के निर्देश दिए हैं। इससे धान की फसल पर प्रभाव नहीं पड़ेगा। पिछले दो वर्षों में सूखे की स्थिति में भी धान की फसल अच्छी हुई है।
-डॉ. जसबीर सिंह बैंस, डायरेक्टर खेतीबाड़ी विभाग, पंजाब

किसानों के पास अभी काफी वक्त है। हरियाणा में कुल 12 लाख हेक्टेयर में धान लगाने का लक्ष्य है, जिसमें सात लाख हेक्टेयर का लक्ष्य पूरा किया जा चुका है। हरियाणा में पंजाब के मुकाबले बासमती की बुआई अधिक है। इसे देर से भी बोया जा सकता है।
- जेआर डांडी, ज्वाइंट डायरेक्टर, कृषि विभाग हरियाणा।

हरियाणा-पंजाब में कमजोर मानसून का दौर चल रहा था, जो करीब-करीब खत्म होने को है। अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश के आसार हैं। इससे सूखे इलाकों को काफी हद तक कवर कर लिया जाएगा।
-सुरेंद्र पाल, डायरेक्टर मौसम विभाग चंडीगढ़
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बारिश मिलीमीटर में, एक जून से लेकर 12 जुलाई तक का रिकार्ड

राहत की बारिश - फोटो : अमर उजाला
हरियाणा जिला----------कितनी हुई---------कितनी होनी चाहिए---------कितनी कम
 अंबाला----------94.8------------222.2-----------------57 फीसदी
 फतेहाबाद--------51.7-------------68.9----------------25 फीसदी
 गुड़गांव----------69.1-------------90.8----------------24 फीसदी
 कैथल------------48.8------------84.1--------------- 42 फीसदी
 करनाल-----------81.2-----------140.5---------------42 फीसदी
 कुरुक्षेत्र-----------34.8-----------142.7---------------76 फीसदी
 पंचकूला----------111------------220.4---------------50 फीसदी
 पानीपत-----------38.2-----------121.5--------------69 फीसदी
 
पंजाब जिला-------कितनी हुई-------कितनी होनी चाहिए------कितनी कम
फरीदकोट-----------61.1---------------71.6-----------15 फीसदी
फतेहगढ़ साहिब------89.3--------------132.3-----------32 फीसदी
फिरोजपुर------------11.6--------------77.2-----------85 फीसदी
होशियारपुर----------106.3-------------173.9----------39 फीसदी
जालंधर-------------86.7--------------128.4-----------32 फीसदी
मोहाली--------------85.1------------- 167.1-----------49 फीसदी
पटियाला-------------92.3--------------147.7-------------38 फीसदी
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