चंडीगढ़। करीब एक सप्ताह से उमस और गर्मी से बेहाल ट्राइसिटी के लोगों को सोमवार को आखिरकार राहत मिल गई। सुबह करीब साढ़े नौ बजे शुरू हुई बारिश दिनभर रुक-रुक कर होती रही और शाम तक मौसम पूरी तरह सुहावना बना रहा। चंडीगढ़ में 22.6 मिमी बारिश दर्ज की गई जिससे अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री नीचे 29.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। बारिश के साथ ही चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली में लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, पंचकूला के कई निचले इलाकों में जलभराव और वाहनों के फंसने से लोगों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा। मौसम विभाग ने 21 से 23 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
चंडीगढ़ में सोमवार सुबह शुरू हुई बारिश ने पिछले कई दिनों से बनी उमस को खत्म कर दिया। दिनभर घने बादल छाए रहे और बीच-बीच में बूंदाबांदी होती रही। बारिश के चलते अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा में नमी का स्तर बढ़कर 93 फीसदी तक पहुंच गया। मौसम विभाग के निदेशक डॉ. सुरेंद्र पाल के अनुसार मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है और अगले तीन दिन ट्राइसिटी में तेज बारिश की संभावना बनी हुई है। इस दौरान तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
पंचकूला में बारिश ने गर्मी से राहत तो दी लेकिन नगर निगम और प्रशासन की जल निकासी व्यवस्था की पोल भी खोल दी। इंडस्ट्रियल एरिया, सेक्टर-19 सहित कई निचले क्षेत्रों में सड़कें पानी से लबालब भर गईं। कई स्थानों पर वाहन बंद हो गए और लोगों को घुटनों तक पानी में होकर गुजरना पड़ा। बारिश के कारण कई मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों ने जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग उठाई।
मोहाली में भी सुबह से रुक-रुक कर हुई बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया। पिछले कई दिनों से तेज धूप और उमस से परेशान लोगों को राहत मिली। बाजारों और पार्कों में लोगों की आवाजाही बढ़ी। हालांकि कुछ स्थानों पर जलभराव के कारण यातायात धीमा रहा। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 से 72 घंटे तक मोहाली में भी हल्की से मध्यम और कई स्थानों पर तेज बारिश की संभावना बनी रहेगी।
मौसम विभाग के अनुसार मानसून की मुख्य रेखा अब फिर से सामान्य स्थिति में लौट आई है। इसके साथ मध्य भारत में बने कम दबाव के चक्रवाती क्षेत्र के कारण बंगाल की खाड़ी से नमी से भरपूर हवाएं उत्तर-पश्चिम भारत की ओर पहुंच रही हैं। इसी वजह से पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि 21 से 23 जुलाई के दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में 12 सेंटीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज होने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने, खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा नहीं करने और बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों में नहीं रुकने की अपील की है।
अगले तीन दिन ऐसा रहेगा मौसम
21 जुलाई : गरज-चमक के साथ भारी बारिश, ऑरेंज अलर्ट
22 जुलाई : कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना
23 जुलाई : रुक-रुक कर तेज बारिश, कुछ क्षेत्रों में जलभराव की आशंका
24-25 जुलाई : हल्की से मध्यम बारिश, मौसम में कुछ राहत
बॉक्स
2025: 20 जुलाई के आसपास मानसून पूरी तरह सक्रिय रहा। प्री-मानसून और मानसूनी बारिश ने 12 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया और शहर झमाझम बारिश से तरबतर हो गया।
2024: 20 जुलाई के आसपास भीषण गर्मी और हीटवेव का असर रहा। चंडीगढ़ व आसपास के मैदानी इलाकों में तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।
2023: मौसम गर्म और शुष्क रहा। अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जबकि उमस का स्तर करीब 49 फीसदी रहा।
2022: तापमान सामान्य (करीब 40 डिग्री सेल्सियस) के आसपास रहा। जून के तीसरे सप्ताह के अंत में हल्की प्री-मानसून बारिश और धूलभरी आंधियां देखने को मिली थीं।
2021: मौसम पूरी तरह शुष्क रहा। दोपहर में लू चली और तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था।
अभी पहाड़ों पर जानें से बचें
चंडीगढ़। अगर आप अगले कुछ दिनों में हिमाचल प्रदेश घूमने जाने की योजना बना रहे हैं तो फिलहाल इसे टाल दें। मौसम विभाग ने 20 से 22 जुलाई तक हिमाचल में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश से पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। कई जगह पहाड़ी नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं जिससे वाहन बहने का जोखिम रहता है। वहीं, लैंडस्लाइड के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग और संपर्क मार्ग कई घंटों या दिनों तक बंद हो सकते हैं जिससे पर्यटक बीच रास्ते में फंस सकते हैं। घने बादलों और बारिश के कारण दृश्यता भी काफी कम हो जाती है जिससे पहाड़ी सड़कों पर वाहन चलाना जोखिम भरा हो जाता है। मौसम सामान्य होने तक यात्रा टालना ही सुरक्षित रहेगा।