समय से पहले पहुंचने के बावजूद मानसून ने ट्राइसिटी को निराश किया है। शहरवासी बारिश के लिए तरस गए हैं। वीरवार को बारिश हुई, मगर उसके बाद हुई उमस से लोग काफी परेशान दिखे। तापमान भी सामान्य से ज्यादा दर्ज किए जा रहे हैं। हालांकि, अब मौसम में बदलाव की झलक दिख रही है। अब तक उत्तर भारत में निष्क्रिय चल रहे मानसून के सक्रिय होने के आसार बन रहे हैं।
मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि मानसून की टर्फ रेखा अब दक्षिण से उत्तर की ओर शिफ्ट होगी। साथ ही पूर्वी यूपी की ओर से एक साइक्लोनिक सरकुलेशन बनी हुई है, जो मानसून की टर्फ रेखा को शिफ्ट करने में सपोर्ट करेगी। इसके असर से पूरे उत्तर भारत में बारिश के आसार बनेंगे। चार जुलाई से बारिश का क्रम जारी होगा, जो सात तक जारी रहेगा।
मौसम विभाग के मुताबिक 24 जून को मानसून चंडीगढ़ में दाखिल हो गया था। उसके बाद न तो बारिश हुई और न ही तापमान कम हुए, बल्कि उमस और बढ़ गई। बीच में एक दो बार बादल आए, लेकिन बिना बरसे आगे निकल गए। वीरवार सुबह फिर से बादल छाए। इस बार कुछ जगहों पर बारिश भी हुई, लेकिन कुछ ही देर बादल छंट गए और धूप भी निकल आई।
इससे हवा में नमी बढ़ गई। वीरवार को हवा में नमी की अधिकतम मात्रा 73 फीसदी और न्यूनतम मात्रा 53 फीसदी रिकार्ड की गई। अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री और न्यूनतम तापमान 29.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ, जो सामान्य से पांच डिग्री ज्यादा रहा।
हालांकि, अगले 24 से 36 घंटे मौसम में कुछ खास बदलाव नहीं होंगे, मगर चार जुलाई से मानसून सक्रिय होने की पूरी संभावना है। इससे चंडीगढ़ सहित हरियाणा, पंजाब में भी बारिश होने के आसार है। मौसम विभाग की ओर से जारी मीडिया बुलेटिन में बताया गया है कि चार जुलाई से लेकर सात जुलाई तक रुक-रुक बारिश होती रहेगी। इससे तापमान भी नीचे आएगा।