चंडीगढ़। 27 जुलाई की दोपहर को सेक्टर-27सी के बूथ नंबर 22 में से सरेआम वेस्टर्न यूनियन मनी एक्सचेंज चलाने वाले संजीव कालिया से दो आरोपियों ने गन प्वाइंट पर तीन लाख रुपये लूटे थे। यूटी की स्मार्ट पुलिस 37 दिन बाद भी इस मामले को सुलझा नहीं सकी है। दोनों आरोपी सीसीटीवी फुटेज में भी कैद हुए। हैरानी की बात है कि इसके बावजूद पुलिस के हाथ उन तक पहुंचने के लिए कोई सुराग नहीं लगा। वहीं पुलिस अब केस में हो रही देरी का ठीकरा कोरोना वायरस पर फोड़ रही है। पुलिस का कहना है कि कोरोना वायरस के चलते केस सुलझाने में देरी हो रही है।
वारदात को सुलझाने को लिए सेक्टर-26 थाना प्रभारी नरेंद्र पटियाल की अगुवाई में टीम ने सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर शिकायतकर्ता समेत अन्य लोगों से आरोपियों की शिनाख्त करवाई थी। पुलिस को शक था कि आरोपी भागने के दौरान एरिया के लाइट प्वाइंट समेत चौक पर लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुए होंगे, लेकिन मार्केट में मिले सीसीटीवी के अलावा पुलिस के पास आरोपियों के बारे में कोई ठोस सुराग नहीं लगा।
फॉर्च्यूनर लूट का मामला भी अनसुलझा
अगस्त की रात मोहाली के बड़माजरा निवासी प्रॉपर्टी डीलर हरमिंदर सिंह अपनी सफेद रंग की फार्च्यूनर कार से चंडीगढ़ के सेक्टर-35 स्थित बर्गर किंग आए थे। रात करीब 9.30 बजे घर जाने के दौरान एक अज्ञात शख्स गन प्वाइंट पर उनकी फार्च्यूनर लूटकर ले गया था। वारदात को 15 दिन बीत चुके हैं। सेक्टर-36 थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ लूट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था, लेकिन अभी तक आरोपी का कुछ पता नहीं चला है।