चंडीगढ़। सेक्टर 27सी स्थित वेस्टर्न यूनियन मनी एक्सचेंजर एजेंसी के संचालक से दो बदमाश दिनदहाड़े गन प्वाइंट पर तीन लाख रुपये लूटकर फरार हो गए। बाजार में भीड़ के बावजूद किसी को भी आरोपियों के भागने की भनक नहीं लगी। सेक्टर 26 थाना पुलिस केस दर्ज कर जांच में जुटी है।
वारदात शनिवार दोपहर 2.12 बजे की है। संजीव कालिया ने बताया कि वह रायपुर खुर्द में परिवार समेत रहते हैं। उनका सेक्टर 27सी स्थित बूथ नंबर 22 में वेस्टर्न यूनियन मनी एक्सचेंज के नाम से ऑफिस है। सोमवार दोपहर वह बैंक से 2.80 लाख रुपये निकालकर ऑफिस पहुंचे। पैसों को दराज में रखकर वह वॉशरूम चले गए। जैसे ही लौटे तो एक युवक ने उनकी कनपटी पर पिस्टल रखकर धमकी दी कि चुपचाप सारा पैसा उसके हवाले कर दे, नहीं तो जिंदगी से हाथ धो बैठोगे। उन्हें लगा कोई मजाक कर रहा है, लेकिन इतने में तेजधार हथियार लिए दूसरे युवक ने भी धमकाना शुरू कर दिया। इससे वह डर गए और आरोपी को दराज की चाबी दे दी। इसके बाद आरोपी दराज में रखे करीब तीन लाख रुपये लेकर फरार हो गए। एक आरोपी ने हेलमेट पहना था। जाते-जाते आरोपी या कह गए कि अगर चिल्लाया तो गोली मार देंगे। इसके बाद सूचना पुलिस को दी गई। सूचना पर सेक्टर 26 थाना प्रभारी नरेंद्र पटियाल समेत अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।
बैंक से रुपये निकलवाने के बाद हुई वारदात
संजीव ने सेक्टर 27 स्थित पंजाब नेशनल बैंक से 2.80 लाख रुपये निकलवाए थे। जबकि दराज में 20 से 25 हजार पहले से थे। संजीव ने शक जताया कि बैंक से रुपये निकालते वक्त उनके पास एक युवक और कुछ दूरी पर एक युवती थी। पैसा निकालने की बात सिर्फ युवक को पता चली थी।
पुलिस टीम ने बैंक में सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो सामने आया कि संजीव कालिया 1.19 बजे रुपये निकलवाने आए थे। युवक की डिटेल खंगालने पर पता चला कि वह बैंक का रेगुलर कस्टमर है।
दो संदिग्ध सीसीटीवी में कैद
पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी सेक्टर 19 की तरफ फरार हुए थे। एक सीसीटीवी में दो संदिग्ध युवक नजर आ रहे हैं। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर युवकों की पहचान में जुटी है।
पहले भी हो चुकी मनी एक्सचेंजर से लूट
बता दें कि 9 मार्च 2019 को सेक्टर-52/53 की डिवाइडिंग रोड पर बाइक सवार बदमाश मनी एक्सचेंजर का काम करने वाले सेक्टर-52 निवासी नरेश कुमार को गोली मारकर पांच लाख रुपयों से भरा बैग लूटकर फरार हो गए थे। पुलिस जांच में आरोपियों ने ट्रिब्यून चौक का रास्ता पूछने के बहाने वारदात को अंजाम दिया था। अब तक पुलिस केस को सुलझाने में नाकामयाब रही है।