चंडीगढ़। जिला अदालत ने शहर के कारोबारियों से रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अमनदीप सिंह उर्फ मनी टोपी को जमानत पर रिहा कर दिया। पुलिस ने अमनदीप को गैंगस्टर दीपू बनूड़ की निशानदेही पर गिरफ्तार किया था। ऑपरेशन सेल को सूचना मिली थी कि लॉरेंस गैंग का गैंगस्टर दीपू बनूड़ जेल से शहर में रंगदारी वसूलने का नेटवर्क चला रहा है। पुलिस के मुताबिक गैंग के सदस्य लॉरेंस के नाम पर डरा-धमकाकर दीपू बनूड़ के लिए काम करते हैं और शहर के क्लब मालिकों, प्रॉपर्टी डीलर्स, होटल मालिकों समेत अन्य कारोबारियों से रंगदारी वसूल रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने दीपू दीपू बनूड़ की निशानदेही पर मनी टोपी को गिरफ्तार किया था।
मनी टोपी के वकील ने जमानत अर्जी में कहा कि पुलिस ने उसे केस में झूठा फंसाया है। उसने किसी से फिरौती नहीं मांगी थी। बता दें कि मामले में मनी की गिरफ्तारी के बाद दीपक उर्फ दीपा का नाम सामने आया था, जिसने पुलिस वालों पर केस में न फंसाने के बदले रिश्वत मांगने के आरोप लगाते हुए सीबीआई को शिकायत दी थी। इस पर कार्रवाई करते हुए सीबीआई की टीम ने ट्रैप लगाकर भाजपा नेता के भाई समेत दो लोगों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। मामले में पुलिस ने पकड़े गए दोनों लोगों के साथ चंडीगढ़ पुलिस के कांस्टेबल पवन पर भी केस दर्ज किया था। कांस्टेबल पवन अभी फरार चल रहा है।