पाकिस्तान बॉर्डर पर अधिकारियों की शारीरिक प्रताड़ना और छेड़छाड़ की शिकार विदेशी महिला की मौत पर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। दरअसल, गुरुनानक देव अस्पताल के मेडिकल वार्ड नंबर 4 में शनिवार को दम तोड़ने वाली जांबिया की महिला एचआईवी पाजिटिव थी।
रविवार को महिला का पोस्टमार्टम नहीं हो सका। डिप्टी कमिश्नर का कहना है कि महिला की मौत की खबर उसके परिजनों व दिल्ली स्थित जांबिया के हाईकमीशन को दे दी गई। सोमवार को विदेश मंत्रालय से मिलने वाले आदेश के आधार पर अगली कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमार्टम के बाद ही उसकी मौत के सही कारण का खुलासा हो सकेगा।
अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक विदेशी महिला को साढ़े 7 बजे के करीब आईसीयू में टेस्ट करने के लिए ले जाया गया तो उसे दौरे पड़ने लगे। डॉक्टरों की स्पेशल टीम के मुखिया डॉ. एन एस नेकी ने उसे बचाने के लिए पूरा प्रयास किया। लेकिन कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई।
डॉक्टरों ने बताया जांच में महिला के एचआईवी पाजिटिव होने की पुष्टि हुई है। इसी वजह से उसे भयानक तरह के कई दौरे पड़े और मौत हो गई। विदेशी महिला की मौत की सूचना मिलने पर घंरिडा थाना इंचार्ज दविंद्र सिंह, तहसीलदार अटारी अमरजीत सिंह अस्पताल पहुंचे और शव मोर्चरी में रखवाया।
मौत की खबर परिजनों व दिल्ली स्थित हाईकमीशन को दी गई
घटना की जानकारी डीसी प्रदीप सभ्रवाल ने विदेश मंत्रालय व जांबिया के हाईकमीशन और मृतका के परिवार को दी है। माना जा रहा था महिला का पोस्टमार्टम रविवार को किया जाएगा। लेकिन जिला प्रशासन ने दस्तावेज पूरे नहीं किए।
इसके चलते पोस्टमार्टम नहीं हो सका। डीसी ने बताया कि महिला की मौत की खबर उसके परिजनों व दिल्ली स्थित हाईकमीशन को दे दी गई है। सोमवार को विदेश मंत्रालय से मिलने वाले आदेश के आधार पर अगली कार्रवाई की जाएगी।
उधर, विदेशी महिला की मौत को लेकर रविवार की दोपहर डीसी प्रदीप सभ्रवाल के आवास पर एक बैठक हुई। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों ने घटना के बारे एक कमेटी गठित करने का निर्णय लिया। मामला विदेशी महिला की मौत से संबंधित होने के चलते जिला प्रशासन कोई जानकारी देने में संकोच कर रहा है।
घटना के बारे पता लगाने के लिए किस अधिकारी को लगाया गया है, इस बारे भी प्रशासन ने उसका नाम गुप्त रखा है। उस अधिकारी को मौत के कारणों का जल्दी पता कर डीसी के समक्ष रिपोर्ट पेश करने को कहा गया।
पाक बॉर्डर पर छेड़छाड़ की शिकार हुई थी विदेशी महिला
वाघा बॉर्डर पर वीरवार रात जांबिया निवासी महिला बेहोश मिली पाकिस्तान बॉर्डर के अधिकारियों पर महिला के साथ शारीरिक प्रताड़ना का आरोप है। पुलिस के अनुसार जांबिया निवासी 28 साल की महिला महाराष्ट्र की एक कंपनी एसीएमई मशीनरी इंडिया प्राइवेट लि. में 19 जून को बिजनेस दौरे पर आई थी। इसके बाद वह दिल्ली-लाहौर बस से वो पाकिस्तान जाने के लिए निकली।
पाकिस्तान का वीजा न होने के कारण उसे अमृतसर बॉर्डर पर अधकारियों ने रोका बाद में उसे जाने दिया। इसके बाद पाकिस्तान अधिकारियों ने उसे रोक लिया और वीजा न होने के कारण उसे वापस भारत भेज दिया। बताया जा रहा है कि सारी रात वह जीरो लाइन पर घूमती रही। सुबह भारत के इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसे बेहोश पाया।
होश में आने के बाद जब बीएसएफ अधिकारियों, अटारी के तहसीलदार अमरजीत सिंह और एसएचओ घरिंडा रविंदर सिंह ने उसके बारे में जानने की कोशिश की तो उसने कुछ नहीं बताया। हालत ठीक न होने के कारण उसे 26 जून की रात को गुरु नानक देव अस्पताल में दाखिल कराया गया।
शनिवार दोपहर जब उसे होश आया तो उसने अपनी देखभाल कर रहे दो कर्मचारियों के साथ बुरा व्यवहार किया। डॉक्टर को भी उसने डोंट टच मी कहकर चेकअप करने से मना कर दिया। प्रशासनिक अधिकारियों को महिला के पासपोर्ट से पता चला कि उसे 27 जून को अपने देश वापस जाना था।