चंडीगढ़ के सेक्टर-15 में हजारों युवक-युवतियां होली खेलने पहुंचे थे। होली के दौरान एक पुलिसकर्मी और सेना के जवान के बीच बहस हो गई। दोनों के बीच तीखी नोकझोंक का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। जिसमें सेना का जवान पुलिस कर्मियों को हड़का रहा है।
वहीं, जब खुद को फौजी बताने वाले इस व्यक्ति ने एक लड़की से बदतमीजी की, धक्का मारा और गालियां दी तो पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस व्यक्ति का मेडिकल करवाया गया, जिसमें शराब पीने की पुष्टि हुई है। वहीं जांच में पता चला कि वह फौजी नहीं है। सेक्टर- 11 थाना पुलिस ने इस व्यक्ति की बाइक जब्त कर गिरफ्तार कर लिया। बाद में उसे जमानत पर छोड़ दिया।
बोला- पुलिस से कहीं ज्यादा रुतबा फौजियों का
आरोपी मोहाली के खिज्राबाद का रहने वाला है। पुलिस ने बताया कि फौजी नहीं है, वैसे ही बोलता हुआ घूम रहा था। इस व्यक्ति ने लड़की से बदतमीजी करते हुए कहा था कि उसे सात साल फौज में हो गए हैं। वहीं, पुलिसकर्मियों के साथ भी बहस करते हुए कहा कि आरोपी ने कहा कि पुलिस से कहीं ज्यादा रुतबा फौजियों का है। वहीं नहीं, यह भी कहा कि उसने फौज में भर्ती होने के लिए 1600 मीटर की दौड़ 4 मिनट 40 सेकंड में पूरी की है। अगर कोई है तो दौड़ लगा लो। वहीं, पास में खड़े लोग और सोशल मीडिया पर ज्यादातर लोग फौजी के हक में बोल रहे थे। जबकि कई लोगों ने यह भी कहा कि फौजी होली पर एंजॉय कर रहा है और पुलिसकर्मी घर छोड़कर उनकी सुरक्षा के लिए ड्यूटी कर रहे हैं, ऐसा फौजी को नहीं करना चाहिए था।
रंग लगाने के बहाने युवतियों के साथ बदतमीजी, पुलिस ने किया लाठीचार्ज
सुखना लेक पर होली के जश्न के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने हुड़दंग मचाते हुए युवतियों के साथ बदतमीजी की। इस वजह से पुलिस को सख्ती बरतनी पड़ी। पुलिस ने लाठीचार्ज करते हुए सुखना लेक को खाली कराया। पुलिस के अनुसार वहां बहुत ज्यादा संख्या में लोग पहुंच गए थे। रंग खेलने के नाम पर कुछ शरारती तत्वों ने सुखना लेक पर माहौल खराब करना शुरू कर दिया जिससे वहां मौजूद परिवारों और आम नागरिकों को परेशानी हुई। इसी दौरान डीजीपी जब लेक के सामने से गुजरे तो उन्होंने भीड़ को अनियंत्रित स्थिति में देखा और तुरंत लेक को खाली कराने के आदेश दिए। सूत्रों के मुताबिक कुछ युवक रंग लगाने के बहाने युवतियों के साथ दुर्व्यवहार कर रहे थे। इस पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। पुलिस ने सुखना लेक की तरफ जाने वाले सभी रास्तों पर नाका लगा दिए ताकि दोबारा कोई हुड़दंग न कर सके।